देवघर। सावन महीने की पहली सोमवारी पर देवघर स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बोल बम के जयघोष से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा और कांवरिया पथ से लेकर मंदिर प्रांगण तक हर तरफ गेरुआ रंग ही नजर आ रहा था। पहली सोमवारी के पावन अवसर पर 2 लाख से अधिक कांवरियों ने बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक किया।
तड़के 4:15 बजे खुले आम श्रद्धालुओं के लिए पट
जलार्पण के लिए कांवरियों का तांता रविवार रात से ही लगने लगा था। सुबह करीब 3:15 बजे मंदिर के कपाट खोले गए, जहाँ नियमित पूजा-अर्चना के बाद सुबह 4:15 बजे से आम श्रद्धालुओं के लिए पट खोल दिए गए। श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण कतार देखते ही देखते लगभग 5 किलोमीटर लंबी पहुँच गई।
डीसी ने लिया जायजा, दिए सख्त निर्देश
भीड़ के सफल और सुरक्षित प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारियाँ की गई थीं। डीसी सौरभ कुमार भुवानिया ने तड़के ही मेला क्षेत्र, नंदन पहाड़, रूटलाइन और कांवरिया पथ का विस्तृत निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान डीसी ने सुरक्षा व्यवस्था, कतार प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं का जायजा लेते हुए प्रतिनियुक्त अधिकारियों व पुलिस बल को निर्देश दिया कि बाबाधाम आने वाले कांवरिये देवतुल्य हैं। सभी अधिकारी और जवान अत्यंत धैर्य व संयम के साथ 'सेवा भाव' से अपनी ड्यूटी का निर्वहन करें। संवेदनशील पॉइंट्स पर भीड़ का दबाव न बढ़े, इसके लिए पूरी प्रशासनिक टीम को हर पल मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने मेला क्षेत्र में बने सूचना केंद्र, मातृत्व विश्राम गृह, ट्रैफिक ओपी और स्वास्थ्य शिविरों का भी जायजा लिया। स्वास्थ्य कैंपों में जीवन रक्षक दवाइयों और 24 घंटे एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
शहर में जाम की स्थिति न बने, इसके लिए अनधिकृत पार्किंग पर रोक और निर्धारित स्थलों पर ही वाहन खड़े करने के सख्त आदेश जारी किए गए।
कतार में खड़े श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए होल्डिंग पॉइंट्स और क्यू कॉम्प्लेक्स में पानी, बिजली, मिस्ट कूलिंग और चिकित्सा की व्यवस्था को हमेशा दुरुस्त रखने की बात कही गई। प्रशासन की इस मुस्तैदी और व्यवस्था के चलते पहली सोमवारी पर श्रद्धालुओं ने सुलभ और सुरक्षित तरीके से जलार्पण किया।
