जामताड़ा। साहिबगंज-गोविंदपुर हाईवे पर रविवार रात पुलिस और कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के बीच हुई मुठभेड़ में गैंगस्टर मारा गया। यह घटना उस वक्त घटी जब पुलिस टीम सुजीत सिन्हा को साहिबगंज जेल से धनबाद सेंट्रल जेल शिफ्ट कर रही थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार धनबाद ले जाने के दौरान साहिबगंज-गोविंदपुर हाईवे पर पुलिस का वाहन अचानक पंक्चर हो गया। गाड़ी रुकते ही कस्टडी का फायदा उठाकर सुजीत सिन्हा ने एक पुलिस जवान की राइफल छीन ली और भागने की कोशिश की। इस दौरान उसने पुलिस टीम पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
गैंगस्टर द्वारा की गई फायरिंग के जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा और उसे दोबारा गिरफ्तार करने के लिए जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से हुई इस मुठभेड़ में सुजीत सिन्हा को गोली लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में उसकी मौत की पुष्टि कर दी गई।
घटना की खबर मिलते ही पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी संख्या में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे।
पुलिस ने पूरे इलाके की नाकेबंदी कर तलाशी अभियान चलाया।घटनास्थल का फॉरेंसिक टीम ने मुआयना किया और जरूरी साक्ष्य एकत्र किए।
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा कारणों से हाईवे पर कुछ समय के लिए आवाजाही रोक दी गई थी, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया।फिलहाल वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मामले की गहनता से जांच की जा रही है और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है।
सुजीत सिन्हा पलामू जिले का रहने वाला था और झारखंड पुलिस के रिकॉर्ड में राज्य के सबसे सक्रिय संगठित अपराधियों में शामिल था।उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, लेवी वसूली, आर्म्स एक्ट, आपराधिक षड्यंत्र और संगठित अपराध समेत करीब 75 आपराधिक मामले दर्ज थे।
पुलिस के अनुसार उसका नेटवर्क पलामू, गढ़वा, लातेहार, रांची, धनबाद, चतरा और अन्य जिलों तक फैला हुआ था। उस पर कोयला कारोबार, सड़क निर्माण, ठेकेदारी, क्रशर, ट्रांसपोर्ट और अन्य व्यवसायों से लेवी वसूलने के आरोप रहे हैं। जांच एजेंसियों का दावा रहा है कि जेल में बंद रहने के दौरान भी वह अपने गिरोह का संचालन करता था।
