रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन सोमवार को लगातार 10वें दिन भी जारी रहा। राजधानी के जयपाल सिंह स्टेडियम में चल रहे इस आंदोलन में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर अड़े हुए हैं, जिससे पिछले 24 घंटों में उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया है।

सोमवार दोपहर सदर अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने देवेंद्र नाथ महतो के स्वास्थ्य की जांच की। डॉक्टरों ने उन्हें सेहत स्थिर रखने के लिए कुछ आवश्यक दवाएं और ओआरएस/पाउडर लेने का परामर्श दिया, लेकिन देवेंद्र नाथ ने इसे लेने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक सरकार छात्र हित में उनकी मांगें स्वीकार नहीं कर लेती, वे अन्न-जल या दवा कुछ भी ग्रहण नहीं करेंगे।

इधर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आंदोलनरत छात्रों से बातचीत के लिए सरकार जल्द ही एक समिति बनाएगी।

आंदोलनकारी छात्र नेता से विधायक जयराम महतो ने वीडियो कॉल के जरिए बात की और उनके गिरते स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए आंदोलन के प्रति शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि छात्रों का यह सत्याग्रह रंग लाएगा।

दूसरी ओर, जेपीएससी अभ्यर्थी राजेश्वर यादव ने बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके ने भी वीडियो कॉल कर छात्रों को अपने समर्थन और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया है।

छात्र नेता दीनबंधु मंडल ने दोहराया कि परीक्षाओं की सीबीआई जांच और जेपीएससी में पारदर्शी सुधार उनकी मुख्य मांगें हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 6 अगस्त से शुरू हो रहे झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र से पहले सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो छात्र शांतिपूर्ण सत्याग्रह के बाद वीर भगत सिंह की तर्ज पर बड़े और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।