रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित झारखंड मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। राज्य सरकार ने दूरस्थ क्षेत्रों में आपातकालीन चिकित्सा सेवा को सुलभ बनाने से लेकर प्राथमिक और उच्च शिक्षा में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल तक कई बड़े फैसले लिए हैं।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा: एयर एंबुलेंस सेवा और मेडिकल कॉलेजों का विस्तार
राज्य के दूरदराज इलाकों से गंभीर मरीजों को कम समय में बेहतर और आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 1 सिंगल-इंजन हेलीकॉप्टर सेवा (Helicopter Emergency Medical Service) किराए पर लेने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
एसएनएमएमसीएच,धनबाद का जीर्णोद्धार: वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2029-30 के लिए धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) के समग्र विकास, अपग्रेडेशन तथा यूजी व पीजी सीटों के विस्तार के लिए194.73 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
शिक्षा एवं डिजिटल पहल: 1000 स्कूलों में ए आई पावर्ड स्मार्ट क्लास
झारखंड ई-शिक्षा कनेक्ट प्रोग्राम: राज्य के 1000 माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में AI-powered Virtual Classrooms with student analytics स्थापित करने के लिए 176.07 करोड़ की स्वीकृति दी गई। इसके तहत 2 केंद्रीय स्टूडियो और 5 प्रमंडलीय DIET स्टूडियो भी बनाए जाएंगे।
नए डिग्री कॉलेजों का निर्माण:
हजारीबाग विनोबा भावे विश्वविद्यालय के तहत जमुआ(गिरिडीह)में डिग्री कॉलेज निर्माण के लिए₹38.22 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। माण्डु, रामगढ़ में भी डिग्री कॉलेज निर्माण के लिए40.14 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
शिक्षकों व कर्मियों के पेंशन में सुधार: 1 दिसंबर 2004 से पूर्व नियुक्त विश्वविद्यालय/कॉलेज के सेवानिवृत्त शिक्षकों व पदाधिकारियों को 7वें वेतनमान के तहत 1 जनवरी 2016 से संशोधित पेंशन का लाभ देने की मंजूरी दी गई।
3. इंफ्रास्ट्रक्चर एवं सड़क निर्माण: करोड़ों की योजनाओं पर मुहर
पूर्वी सिंहभूम (सी आर आई एफ योजना): भुईंयांसिनान से सुसनी (हाथीखेदा मंदिर) पथ के पुनर्निर्माण (22.445 किमी) के लिए ₹102.40 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
गुमला जिला के घाघरा-जोकारी पथ (19.1 किमी) के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए₹101.77 करोड़ तथा परवल आर सी डी पथ से करंज पथ (14.25 किमी) के लिए 76.75 करोड़ की स्वीकृति,रांची के टांगरबसली मोड़ से बोबरो मोड़ पथ (11.57 किमी) के पुनर्निर्माण व चौड़ीकरण के लिए 63.77 करोड़ की मंजूरी,दुमका के खेराबानी-रानीघाघर सड़क (9.17 किमी) के चौड़ीकरण के लिए53.73 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति और आदित्यपुर नगर निगम: के नए म्युनिसिपल भवन निर्माण के लिए 39.67 करोड़ की स्वीकृति दी गई।
विधानसभा का मानसून सत्र 6 से
छठे झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 06 अगस्त 2026 से 12 अगस्त 2026 तक आयोजित करने का औपबंधिक कार्यक्रम तय किया गया है।
गिरिडीह और दुमका में प्रस्तावित नए चिड़ियाघरों तथा भविष्य में बनने वाले जंगल सफारी व रेस्क्यू सेंटरों की देखरेख का जिम्मा अब झारखंड चिड़ियाघर प्राधिकरण के अधीन रहेगा।
इसके अलावा सिकल सेल, थैलेसीमिया, हीमोफिलिया, टाइप-1 मधुमेह और दिव्यांगता से पीड़ित विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए 75% अनिवार्य उपस्थिति में छूट के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को स्वीकृति दी गई।
झारखंड सरकार ने राज्य की न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अधिवक्ताओं के हित में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर अपनी स्वीकृति दी है। कैबिनेट द्वारा लिए गए इन निर्णयों से जहाँ एक ओर झारखंड न्यायिक सेवा की भर्ती प्रक्रिया में संशोधन होगा, वहीं दूसरी ओर उच्च न्यायालय में नए पदों के सृजन से न्यायिक कार्यों में तेजी आएगी।
'झारखंड न्यायिक सेवा भर्ती संशोधन नियमावली, 2026' को मंजूरी
राज्य सरकार ने 'झारखंड न्यायिक सेवा (भर्ती) नियमावली 2004' (समय-समय पर संशोधित) में संशोधन करते हुए "झारखंड न्यायिक सेवा (भर्ती) संशोधन नियमावली, 2026" के गठन को हरी झंडी दे दी है। इस संशोधन से राज्य में न्यायिक अधिकारियों की बहाली प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित हो सकेगी।
महाधिवक्ता कार्यालय के लिए 63 नए पदों का सृजन
झारखंड उच्च न्यायालय, राँची में मुकदमों के त्वरित निष्पादन और राज्य सरकार का पक्ष प्रभावी ढंग से रखने के लिए महाधिवक्ता कार्यालय के तहत कुल 63 नए पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है:
वरीय अपर महाधिवक्ता: 02 पद
अपर महाधिवक्ता: 01 पद
राजकीय अधिवक्ता: 01 पद
सरकारी वकील: 44 पद
लॉ रिसर्च ऑफिसर: 15 पद
अधिवक्ता कल्याण निधि: 12.32 करोड़ रुपये का प्रावधान
झारखंड उच्च न्यायालय स्तर पर गठित 'झारखंड अधिवक्ता कल्याण निधि न्यासी समिति' के तहत निबंधित अधिवक्ताओं के लिए छात्रवृत्ति व वजीफा मद में आवंटित 12,92,00,000/- में से 6,92,00,000/- को सरेंडर किया गया है।
इसके साथ ही, सहायता अनुदान सामान्य (गैर-वेतन) मद के अंतर्गत 12,32,00,000/- (बारह करोड़ बत्तीस लाख रुपये) का उपबंध 'झारखंड राज्य आकस्मिकता निधि' से अग्रिम के रूप में स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया है।
