​खूंटी। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का उल्लास सोमवार को तोरपा में उस समय मातम में बदल गया, जब एक दर्दनाक हादसे में दो स्कूली छात्रों की मौत हो गई और सात अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों की हालत चिंताजनक बनी हुई है और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

​कैसे हुआ हादसा?

​मिली जानकारी के अनुसार यह दर्दनाक घटना दोपहर के समय हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि भगवान जगन्नाथ के रथ को आगे बढ़ाने और धकेलने के दौरान, रथ का ऊपरी लोहे का हिस्सा ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज बिजली की लाइन के संपर्क में आ गया। तार छूते ही रथ में तेज करंट दौड़ गया। रथ को खींच रहे और उसके आसपास मौजूद छात्र इसकी चपेट में आ गए।

​घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी और साहस दिखाते हुए घायलों को किसी तरह करंट से अलग किया और तुरंत तोरपा के स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। वहां से गंभीर रूप से घायल दो छात्रों को बेहतर इलाज के लिए खूंटी सदर अस्पताल रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

​मृतकों और घायलों की पहचान

​हादसे का शिकार हुए सभी बच्चे श्रीहरि प्लस टू विद्यालय के छात्र बताए जा रहे हैं। मृतकों की पहचान ​चंदन कुमार (17 वर्ष) और ​तिजेश्वर गोप (17 वर्ष) के रूप में हुई है।​गंभीर रूप से घायलों में कमलेश गोप (20 वर्ष, कुल्डा), रूपेश कुमार सिंह (17 वर्ष, इचा), अरमान आलम (16 वर्ष, मिलन चौक), पंकज राम (17 वर्ष, बाँस टोली), गिरिराज यादव (17 वर्ष, कोटंगसेरा), सूजे लोहरा (13 वर्ष, सायसेरा) और निलय एक्का (17 वर्ष, शांति नगर) शामिल हैं।

​स्कूल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

​इस हादसे ने प्रशासन और स्कूल प्रबंधन की लापरवाही को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।बताया जा रहा है कि दोपहर के टिफिन के दौरान छात्र स्कूल से बाहर निकले थे।​हालांकि,छात्रों के रथयात्रा में शामिल होने को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि छात्रों को स्कूल से बुलाया गया था, वहीं कुछ का मानना है कि बच्चे खुद वहां पहुंचे थे।

​बिजली की तारों के नीचे से रथ निकालने से पहले बिजली विभाग और आयोजन समिति द्वारा आवश्यक सावधानियां क्यों नहीं बरती गईं, यह बड़ा सवाल है।

​घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि हादसे के हर पहलू की गहन पड़ताल की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।