बोकारो। पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने बोकारो जिले में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में भारी जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, वहीं नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।

दामोदर और अन्य नदियों में पानी का दबाव बढ़ता देख तेनुघाट डैम के 8 रेडियल फाटक खोल दिए गए हैं। बोकारो जिला प्रशासन ने सजगता बढ़ाते हुए तटीय इलाकों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और नदी के पास न जाने की सख्त हिदायत दी है।

लगातार बारिश ने बोकारो स्टील के नगर प्रशासन विभाग और नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी है। शहर के निचले इलाकों में नालियों का गंदा पानी लोगों के घरों में घुस रहा है। सबसे खराब स्थिति नया मोड़ से माराफारी जाने वाले मुख्य मार्ग की है, जहां रेलवे ब्रिज के नीचे 4 फीट से अधिक पानी भर गया है। इस मार्ग से प्रतिदिन बोकारो स्टील प्लांट के कर्मी, ठेका मजदूर और भारी वाहन गुजरते हैं, जो फिलहाल अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।

जलजमाव से बेहाल स्थानीय लोगों और भाजपाइयों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। माराफारी मंडल भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पानी से भरी सड़क पर धान रोपकर अनोखा विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया।

दूसरी ओर, जनप्रतिनिधियों (सांसद, विधायक व मेयर) की उदासीनता से लोगों में आक्रोश है। मामले पर बोकारो स्टील प्रबंधन का कहना है कि रेलवे ब्रिज के कारण सड़क की ऊंचाई बढ़ाना संभव नहीं है। बीएसएल प्रबंधन ने डीपीआर तैयार करने के लिए संबंधित एजेंसी से आग्रह किया है और जब तक कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं बनता,तब तक समस्या के स्थायी समाधान में तकनीकी अड़चनें आ रही हैं।