देवघर। श्रावणी मेले में एक ओर जिला प्रशासन कांवरियों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने में जुटा हुआ है, वहीं दूसरी ओर कुछ खाद्य प्रतिष्ठान श्रद्धालुओं की सेहत से खिलवाड़ कर प्रशासन और सरकार की छवि धूमिल करने में लगे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की अचानक हुई छापेमारी में इस खेल का बड़ा खुलासा हुआ है।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी राजेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में टीम ने मंदिर मोड़ स्थित विभिन्न भोजनालयों और प्रतिष्ठानों में गहन जांच अभियान चलाया। इस दौरान 'सिद्धि विनायक ट्रेडिंग' से भारी मात्रा में एक्सपायर आटा और बेसन जब्त किया गया, जिसे श्रावणी मेले के दौरान खपाने की तैयारी थी। टीम ने मौके से फॉर्चून ब्रांड का 10 टन।एक्सपायर आटा और इमामी ब्रांड का 800 किलो एक्सपायर बेसन बरामद किया। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जब्त सामग्री को फ्रेश स्टॉक से अलग कर सील करा दिया है और फर्म के मालिक को नोटिस जारी किया है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की सुसंगत धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
छापेमारी के दौरान मंदिर मोड़ स्थित 'देसी जायका भोजनालय' के किचन में भारी गंदगी पाई गई, जिस पर नोटिस जारी कर जुर्माना वसूलने की प्रक्रिया शुरू की गई है। हालांकि, जांच के दौरान सभी भोजनालयों में पनीर की गुणवत्ता सही पाई गई। इसके अलावा 'इंडियन स्पाइस मटन हाउस' में एक उपभोक्ता द्वारा ऑनलाइन दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर अधिकारियों ने विस्तृत जांच की।
अधिकारियों ने आम जनता और श्रद्धालुओं से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी मिलावटी या खराब खाद्य सामग्री की जानकारी मिले, तो वे तुरंत विभाग के मोबाइल नंबर 8448739474 पर सूचना दें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया जा सके।
गौरतलब है कि श्रावणी मेला 2026 में श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त के निर्देश पर 'संयुक्त खाद्य सुरक्षा दल' का गठन किया गया है। यह टीम मेले में पेड़ा-प्रसाद, भोजनालयों, ठेलों और होलसेल दुकानों की लगातार जांच कर रही है ताकि मिलावटखोरी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
