रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की सीजीएल परीक्षा में सफल रहे अभ्यर्थी अब अपनी मांगों को लेकर हाईकोर्ट का रुख करने की तैयारी में हैं। 11वीं-13वीं सिविल सेवा और फूड सेफ्टी ऑफिसर नियुक्ति परीक्षा रद्द किए जाने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट से मिले स्टे ऑर्डर से अभ्यर्थियों में उम्मीद जगी है। अभ्यर्थियों का मानना है कि अदालत के हस्तक्षेप से करीब 2,000 अभ्यर्थियों को राज्य सरकार सेवा में वापस बनाए रखने के लिए विवश होगी। इसके लिए जल्द ही सभी अभ्यर्थी एक साथ केस दाखिल करेंगे।
कोर्ट जाने के फैसले से पहले अभ्यर्थियों ने आज भी अपना चरणबद्ध आंदोलन जारी रखा। अभ्यर्थियों ने प्रोजेक्ट भवन गोलचक्कर के पास एकत्र होकर सरकार के फैसले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। इसके बाद सभी अभ्यर्थी बापू वाटिका, मोरहाबादी पहुंचे, जहां से अल्बर्ट एक्का चौक तक हाथों में राष्ट्रध्वज और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तस्वीर लेकर तिरंगा यात्रा निकाली गई।
प्रदर्शन के दौरान चयनित अभ्यर्थियों ने गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार या तो उन्हें फांसी दे दे या फिर नौकरी पर बहाल कर उनके साथ न्याय करे।
37 संदिग्धों को नोटिस जारी, पूछताछ शुरू
रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित ‘झारखंड स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023’ में हुई कथित अनियमितता के मामले में सीआईडी की विशेष जांच टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। सीआईडी ने इस मामले से जुड़े 37 संदिग्ध और संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी कर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।
न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा करें छात्र
रांची। जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच के संस्थापक रामअवतार महतो ने राज्य के सभी छात्र-छात्राओं एवं अभ्यर्थियों से संयम, धैर्य और शांति बनाए रखने की अपील की है। मामले में न्यायिक प्रक्रिया चल रही है। भरोसा रखें।
