रांची। जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी खुलकर सामने आ गई है। छात्रों के पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान हुई हिंसक झड़प और उसके बाद पुलिस व प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
वरिष्ठ भाजपा नेताओं के साथ बाबूलाल मरांडी रांची सदर के अंचलाधिकारी सह मजिस्ट्रेट के कार्यालय पहुंचे और घटना के दौरान तैनात दंडाधिकारी की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताया।
सीओ कार्यालय में विरोध जताते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अधिकारियों को किसी राजनीतिक दल या सरकार की कठपुतली बनने के बजाय कानून और विधि-सम्मत तरीके से काम करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुतला दहन कार्यक्रम के दिन नियुक्त मजिस्ट्रेट ने पूरी तरह एकतरफा कार्रवाई की है। भाजपा प्रतिनिधिमंडल अधिकारियों को उनके संवैधानिक दायित्व और निष्पक्षता का बोध कराने के लिए यहां पहुंचा है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत छात्र पूरी तरह शांतिपूर्वक प्रदर्शन और पुतला दहन कर रहे थे। उसी दौरान सत्तारूढ़ झामुमो के कार्यकर्ताओं ने विघ्न डाला और प्रदर्शनकारी छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार व गुंडागर्दी की।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो और सबूत मौजूद हैं, जो साफ तौर पर दर्शाते हैं कि उस दिन हिंसा की शुरुआत किसने की थी। इसके बावजूद दंडाधिकारी ने उपद्रव करने वाले झामुमो कार्यकर्ताओं पर प्राथमिकी दर्ज करने के बजाय पीड़ित छात्रों पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया, जो कि प्रशासनिक पक्षपात का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
श्री मरांडी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मजिस्ट्रेट तुरंत निष्पक्ष जांच कर उपद्रव करने वाले झामुमो कार्यकर्ताओं पर प्राथमिकी दर्ज नहीं करते हैं, तो भाजपा कार्यकर्ता जल्द ही अंचलाधिकारी कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे।
प्रशासन पर सत्ता के दबाव का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड में स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि एसपी दफ्तर में सीआईडी के इंचार्ज बैठकर काम कर रहे हैं, जो सीधे तौर पर प्रशासनिक स्वतंत्रता पर हमला है।
इस विरोध कार्यक्रम के दौरान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, विधायक सीपी सिंह, योगेंद्र प्रताप सिंह और वरुण साहू समेत भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
