धनबाद। डुमरी से विधायक और जेएलकेएम (झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा) प्रमुख जयराम महतो एक बार फिर कानूनी विवादों में घिर गए हैं। बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के साथ उनके कथित गाली-गलौज का एक व्हाट्सएप कॉल ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।(वायरल ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग की सत्यता की पुष्टि नया इंडिया द्वारा नहीं की गई है)। इस घटना के बाद धनबाद पुलिस प्रशासन और विधायक समर्थकों के बीच तनाव गहरा गया है।
घटना 22 अगस्त की रात करीब 8:09 बजे की बताई जा रही है। थाना प्रभारी रवि कुमार के अनुसार, जब वे थाने में काम कर रहे थे, तब विधायक जयराम महतो का व्हाट्सएप कॉल आया। आरोप है कि विधायक ने अपने एक समर्थक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने और उसकी गिरफ्तारी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बरवाअड्डा थाने में विधायक जयराम महतो समेत 10 नामजद (सुशील मंडल, दिलीप चौधरी, राजकुमार मंडल, जीतेंद्र हजारी, अजय दास, गोलक कुमार महतो, रंजीत कुमार साव, राजेश महतो, महेंद्र साव, और त्रिपुरी पांडेय) तथा 50 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ मामला जोड़ा गया है।
पूरे विवाद की शुरुआत बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के फर्जी पैड, मुहर और हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र तैयार करने के आरोप से हुई। इस मामले में पुलिस ने जेएलकेएम नेता गणेश दास को हिरासत में लिया था। इसके बाद शुक्रवार रात बरवाअड्डा थाने में पुलिस और विधायक के समर्थकों के बीच तीखी बहस और झड़प की स्थिति बन गई थी।
इस घटना से धनबाद पुलिस कर्मियों में भारी नाराजगी है। 'धनबाद पुलिस मेंस एसोसिएशन' थाना प्रभारी रवि कुमार के समर्थन में खुलकर सामने आ गया है। एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि जब तक मामले में विधायक और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक धनबाद में पुलिस काम नहीं करेगी। माननीयों को हमारी सुरक्षा (बॉडीगार्ड) की जरूरत पड़ती है, लेकिन जब हम उनके गलत कामों का समर्थन नहीं करते, तो हमें ही गालियां दी जाती हैं। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए जयराम महतो ने कहा कि "हॉट टॉक"हुई है। इसके अलावा कुछ नहीं हुआ है। अगर इसमें मेरी विधायकी भी चली जाए, तो कोई परवाह नहीं है।
