​चतरा। टंडवा थाना क्षेत्र के बसरिया जंगल के पास मंगलवार तड़के पुलिस और राहुल दुबे गैंग के अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक अपराधी पैर में गोली लगने से घायल हो गया। घायल अपराधी की पहचान राहुल दुबे गैंग के शूटर विकास कुमार सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे तुरंत एनटीपीसी अस्पताल टंडवा पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया।

​यह अपराधी 23 अगस्त को उडसु गांव स्थित 'सुशी चन्द्रगुप्त कोल माईन प्राईवेट लिमिटेड' के सिक्योरिटी ऑफिस में हुई गोलीबारी और गार्ड को जख्मी करने के मामले में संलिप्त था।

मंगलवार को टंडवा थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान चतरा एसपी अनिमेष नैथानी ने बताया कि 23 अगस्त की घटना रंगदारी मांगने और दहशत फैलाने के मकसद से की गई थी। इस संबंध में टंडवा थाना कांड संख्या 193/26 दर्ज कर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रभात रंजन बरवार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था।

एसआईटी ने तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर 24 अगस्त को रांची एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के पास से दो अपराधियों ​विकास कुमार सिंह (पिता: विजय सिंह, निवासी: सचिवालय कॉलोनी, डोरंडा, रांची) और ​स्वराज ठाकुर (पिता: विरेन्द्र ठाकुर, निवासी: असधी, कटकमसांडी, हजारीबाग)को गिरफ्तार किया था।​पूछताछ में विकास ने बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद उसने राहुल दुबे से अपने सहयोगी स्वराज ठाकुर के खाते में 50,000 रुपये मंगवाए थे।

एसपी के अनुसार गिरफ्तारी के बाद आरोपी विकास सिंह हथियार बरामदगी के लिए पुलिस टीम को बसरिया जंगल की ओर ले गया। वहां उसने चकमा देकर पुलिसकर्मी की पिस्टल छीन ली और पुलिस बल पर फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास किया। पुलिस ने आत्मरक्षा और हथियार सुरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें विकास के पैर में गोली लग गई।

पुलिस ने इस पूरी कार्रवाई के दौरान

1 खाली खोखा और 7.62 एमएम के 19 खाली खोखे,​नगदी ₹32,800 रुपये और 3 स्मार्टफोन जब्त किया है।​एसपी ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों ने घटना में शामिल तीन अन्य सहयोगियों के नामों का भी खुलासा किया है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।