खूंटी: एमएमआरडी बिल के विरोध में कांग्रेस पार्टी चरणबद्ध आंदोलन करेगी। यह घोषणा खूंटी के सांसद कालीचरण मुंडा ने मंगलवार को अपने आवासीय कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश कमेटी के निर्देश पर पूरे जिले में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन चलाया जाएगा।
सांसद ने बताया कि आंदोलन के प्रथम चरण में 27 अगस्त को खूंटी जिला मुख्यालय में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा धरना दिया जाएगा। इसके बाद 9 से 16 सितंबर तक जिले के सभी प्रखंड मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं सात सितंबर को रांची स्थित लोक भवन के समक्ष राज्यस्तरीय धरना आयोजित होगा।
कालीचरण मुंडा ने कहा कि यदि केंद्र सरकार एमएमआरडी बिल को वापस नहीं लेती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके अगले चरण में पूरे झारखंड में आर्थिक नाकेबंदी की जाएगी और राज्य से एक छटाक खनिज संपदा भी बाहर नहीं जाने दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पर पहले से ही झारखंड का लगभग एक लाख 40 हजार करोड़ रुपये बकाया है। इसके बावजूद नए बिल के लागू होने से राज्य को प्रतिवर्ष करीब 14 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होने की संभावना है। इसका सीधा असर राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों पर पड़ेगा।
प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा पर यदि यहां के लोगों का अधिकार नहीं रहेगा तो अलग राज्य गठन का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए ही झारखंड आंदोलन हुआ था। यदि इन संसाधनों को लूटा जाएगा तो कांग्रेस एक और बड़े आंदोलन के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि झारखंड की प्राकृतिक संपदा पर पहला अधिकार यहां के लोगों का होना चाहिए। केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध जनहित में किया जाएगा।
प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव मो. नईमुद्दीन खां, विलशन तोपनो, विलशन बोदरा सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद थे।
