रांची। सदर अस्पताल में 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े का शुभारंभ अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने किया। यह पखवाड़ा 25 अगस्त से 8 सितंबर तक मनाया जाएगा। पखवाड़े के दौरान लोगों को नेत्रदान के महत्व के प्रति जागरूक करने और समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने के लिए किया जाएगा। शुभारंभ कार्यक्रम के मौके पर अभियान निदेशक ने कहा कि देश में अंधापन के प्रमुख कारणों में मोतियाबिंद के बाद कॉर्निया से संबंधित समस्या एक महत्वपूर्ण कारण है। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद समय पर कॉर्निया प्राप्त कर उसका प्रत्यारोपण करने से दो जरूरतमंद लोगों के जीवन में रोशनी लाई जा सकती है। उन्होंने आमजन से अपील की कि नेत्रदान का संकल्प लें, दूसरों को भी प्रेरित करें। निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं डॉ सिद्धार्थ सान्याल ने कहा कि राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा वर्ष 1985 से आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। रांची के सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र प्रसाद ने कहा कि मृत्यु के बाद किया गया नेत्रदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में रोशनी ला सकता है। नेत्रदान को लेकर अभी भी लोगों में जागरूकता की कमी है। नेत्रदान के संदेश को गांव और पंचायत स्तर तक पहुंचाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में राज्य नोडल पदाधिकारी (अंधापन नियंत्रण) डॉ. पंकज, रिम्स के प्रोफेसर डॉ. सुनील कुमार, सदर अस्पताल के आई सर्जन डॉ. प्रीतिश प्रणय, राज्य नोडल पदाधिकारी- आइइसी डॉ. राहुल किशोर सहित अन्य की भी भागीदारी रही।