रांची। केंद्र सरकार के खान एवं खनिज (संशोधन) विधेयक (एमएमडीआर) के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने मोर्चा खोल दिया है। पार्टी आगामी 19 सितंबर को राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर 'हल्ला बोल' अभियान चलाकर सड़कों पर उतरेगी। इसके जरिए झामुमो केंद्र सरकार पर झारखंड के खनिज अधिकारों को छीनने का आरोप लगाते हुए सवाल घेरेगी।

पार्टी ने इस देशव्यापी और राज्यव्यापी विरोध के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सभी जिला अध्यक्षों, सचिवों, संयोजकों और महानगर अध्यक्षों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

यह विरोध प्रदर्शन पहले 7 सितंबर को आयोजित होना था। हालांकि, 6 सितंबर को पार्टी के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य और राज्य के मंत्री सुदिव्य कुमार 'सोनू' के आकस्मिक निधन के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।

झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि प्रथम चरण में 31 अगस्त तक राज्यभर में जन-जागरूकता अभियान चलाया जा चुका है। 7 सितंबर के स्थगित कार्यक्रम के बाद अब 19 सितंबर से फिर से आंदोलन की शुरुआत की जा रही है। प्रखंड स्तर के बाद इस आंदोलन को और बड़े पैमाने पर ले जाने की योजना है।

पार्टी महासचिव के अनुसार यह विरोध प्रदर्शन झारखंड के जल-जंगल-जमीन और खनिज संपदा पर राज्य के संवैधानिक अधिकारों को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि एमएमडीआर संशोधन से झारखंड जैसे खनिज समृद्ध राज्य के अधिकार और राजस्व सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। झामुमो अपने संसाधनों के बदले उचित आर्थिक हिस्सेदारी की मांग कर रहा है और यह सवाल किसी राजनीतिक दल विशेष का नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के हित और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का है।