​सरायकेला-खरसावां।​झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि जब तक झामुमो-कांग्रेस सरकार आंदोलनरत छात्रों पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस नहीं लेती और परीक्षाओं में हुई धांधली की जांच सीबीआई से नहीं कराती, तब तक भाजपा सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी। वे सरायकेला-खरसावां जिला मुख्यालय के समक्ष आयोजित भाजपा के प्रदर्शन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

​आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर झारखंड को भ्रष्टाचार के गर्त में धकेलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि

जल, जंगल और जमीन की रक्षा का नारा देकर सत्ता में आई झामुमो अब बालू, कोयला, पत्थर और जमीन की अवैध बिक्री और सौदेबाजी में व्यस्त है।

सरकार ने राज्य के नौनिहालों के भविष्य और नौकरियों का सौदा किया है। खोरठा और नागपुरी भाषा की बुनियादी जानकारी न रखने वाले बाहरी अभ्यर्थियों का चयन हो गया, जबकि स्थानीय और योग्य छात्र वंचित रह गए।

सीजीएल परीक्षा के चयनित अभ्यर्थियों को देश से बाहर ले जाकर प्रश्न रटवाए गए, जिसमें 150 में से 120 प्रश्न हूबहू परीक्षा में आए।

​सांसद साहू ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 26 दिनों तक संवैधानिक और शांतिपूर्ण अनशन करने वाले निर्दोष छात्रों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया।

​छात्रों का मनोबल तोड़ने के लिए रात में बिजली, पानी और शौचालय की सुविधाएं बंद की गईं तथा भारी बारिश के बावजूद टेंट लगाने से रोका गया।

​सरकार के इशारे पर 1,000 से अधिक निर्दोष छात्रों पर मुकदमे दर्ज किए गए और रात के अंधेरे में हॉस्टलों में छापेमारी कर उन्हें डराया-धमकाया गया।

​राज्य सरकार द्वारा एमएमडीआर बिल के विरोध को दुष्प्रचार बताते हुए श्री साहू ने कहा कि यह बिल झारखंड के हित में है। राज्य सरकार की गलत सेस नीति और सत्ता संरक्षित अवैध खनन के कारण वैध कोयले और लोहे की मांग घटी है, जिससे बीसीसीएल और सीसीएल बंदी के कगार पर पहुंच गई हैं। उन्होंने जनता से झामुमो और कांग्रेस के दुष्प्रचार से सावधान रहने की अपील की।