रांची। रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई धांधली और पेपर लीक मामले के प्रमुख आरोपी अभय तिवारी को अदालत से बड़ा झटका लगा है। रांची स्थित विशेष अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए अभय तिवारी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया कि आरोपी पर प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंधमारी करने, ओएमआर शीट में हेरफेर करने और अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलने के गंभीर आरोप हैं। जांच एजेंसी ने अदालत को अवगत कराया कि इस चरण में आरोपी को जमानत मिलने से जारी जांच प्रभावित हो सकती है और गवाहों को धमकाए जाने या साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की प्रबल आशंका है।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद माना कि परीक्षाओं की निष्पक्षता और राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मामले में आरोपी को राहत देना उचित नहीं होगा। आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
