रांची। राज्यभर में जारी एसआईआर (गहन पुनरीक्षण अभियान) के लिए फर्जी कागजात तैयार किये जाने की शिकायत पर चुनाव आयोग ने सख्ती दिखायी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्वाचन संबंधी डाटा में किसी भी प्रकार का उम्र संबंधी मैन्युपुलेशन, अनधिकृत बदलाव अथवा छेड़छाड़ नहीं की जाए। फर्जी दस्तावेज तैयार करने अथवा इसमें सहयोग करने का मामला सामने आता है, तो संबंधित सीएससी केंद्र की भूमिका की जांच कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
साहेबगंज के सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) में पिछले दिनों सामने आयी अनियमितता की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए आयोग ने सभी जिलों के सीएससी प्रबंधकों एवं उप निर्वाचन पदाधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी किया है। बुधवार को के. रवि कुमार ने सीएससी प्रबंधकों एवं उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ एसआईआर से संबंधित कार्यों की ऑनलाइन माध्यम से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईआर के लिए विशेष रूप से कोई नया जाति प्रमाण-पत्र अथवा आवासीय प्रमाण-पत्र बनवाने की आवश्यकता नहीं है। सत्यापन का कार्य निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप नागरिकों के पास पहले से उपलब्ध वैध दस्तावेज एवं अभिलेखों के आधार पर किया जाना है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि एसआईआर के सत्यापन के क्रम में सक्षम पदाधिकारी द्वारा निर्गत किया गया वैध परिवारिक सूची/वंशावली, खतियान की प्रति एवं अन्य उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर ही आवश्यक सत्यापन किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सीएससी की सेवाएं सिर्फ और सिर्फ भारतीय नागरिकों के लिए ही होती हैं, केंद्र संचालक भारतीय नागरिकों को सही प्रक्रिया की जानकारी दें और निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही सेवाएं उपलब्ध कराएं।
