​रांची। झारखंड विधानसभा के समक्ष 10 अगस्त को छात्रों द्वारा किए गए घेराव प्रदर्शन के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की भूमिका पर गहरा अंदेशा जताया है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस मामले की विधि सम्मत जांच कराने की मांग की है।

​प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी कोटे के चारों मंत्रियों वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, दीपिका पांडेय सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की और डॉ. इरफान अंसारी ने भाजपा पर छात्र आंदोलन को भड़काने और छात्रों को उकसाने का सीधा आरोप लगाया।

​बाहर से कैडर बुलाकर आंदोलन को किया बदनाम: राधा कृष्ण किशोर

वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि रांची में हुए छात्र आंदोलन के दौरान भाजपा का दोहरा चरित्र उजागर हुआ है। भाजपा छात्रों के बीच घुसकर मगरमच्छ के आंसू बहा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के लिए भाजपा ने बाहर से अपने कैडरों को बुलाया और उनकी आड़ में छात्र आंदोलन को बदनाम करने की साजिश रची। उन्होंने दावा किया कि यदि विपक्षी दल भाजपा सदन में आकर चर्चा करती, तो 10 अगस्त को ही छात्रों के मुद्दे का समाधान हो जाता। लेकिन भाजपा समाधान के बजाय सीएम आवास का घेराव करने चली गई।

​राहुल गांधी पर झूठा आरोप लगा रही भाजपा: इरफान अंसारी

मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं से सभी आहत हैं, लेकिन इसके बहाने भाजपा की साजिश बेनकाब हो गई है। राज्य भाजपा केंद्रीय नेतृत्व की कठपुतली बनकर काम कर रही है। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के उस बयान को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि राहुल गांधी के इशारे पर लाठीचार्ज हुआ। इरफान अंसारी ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी ने दोपहर में ही छात्रों से संवाद करने और बल प्रयोग न करने की बात कही थी। इसके बावजूद भाजपा बेवजह उनका नाम घसीटकर अपनी राजनीति चमकाने में लगी है।

​संवाद से ही संभव है समाधान: दीपिका पांडेय सिंह

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार छात्रों के हित में लगातार काम कर रही है। नियुक्ति में हुई गड़बड़ियों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारियां की गई हैं और मंत्रियों के समूह ने छात्रों के साथ लगातार बातचीत की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी समस्या का समाधान केवल संवाद के जरिए ही संभव है।