रांची।झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं के संचालन में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और धांधली सामने आई है। तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांगते और परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता के कार्यकाल के दौरान दागी एजेंसियों—'टीडीपीएल' (टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड, लखनऊ) और 'बिनसिस' के जरिए कुल 36 परीक्षाओं का आयोजन किया गया था।

​सीआईडी की जांच में अब तक कुल 9 परीक्षाओं में धांधली और अनियमितता की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अन्य 27 परीक्षाओं की जांच अभी जारी है। इन मामलों में कई अभ्यर्थियों ने अपनी सेवाएं भी शुरू कर दी हैं, जबकि कुछ परीक्षाओं के परिणाम अभी लंबित हैं।

​ टी़डीपीएल और बिनसिस नामक दोनों एजेंसियों के माध्यम से कुल 36 परीक्षाएं आयोजित की गई थीं। इनमें से बिनसिस ने केवल एक परीक्षा—झारखंड पात्रता परीक्षा (जेटेट 2024)—आयोजित की थी, जबकि शेष परीक्षाएं टीडीपीएल द्वारा ली गई थीं।

​14वीं जेपीएससी परीक्षा 2025 (103 पद),​झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा 2023 (11वीं-13वीं, 342 रिक्तियां),​झारखंड वन क्षेत्र पदाधिकारी (170 रिक्तियां),​सहायक वन संरक्षक (78 रिक्तियां),​बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (64 रिक्तियां),​सहायक लोक अभियोजक (विज्ञापन सं. 06/2025 और बैकलॉग, विज्ञापन सं. 05/2025),

​खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी परीक्षा और

​झारखंड पात्रता परीक्षा (जेटेट 2024)।

​इन दोनों एजेंसियों द्वारा आयोजित अन्य 27 परीक्षाओं की भी गहराई से जांच की जा रही है। इनमें जेपीएससी बैकलॉग परीक्षाएं (विज्ञापन सं. 05/2026 और 06/2026, पीटी रिजल्ट जारी), सिविल जज (जूनियर डिविजन, संशोधित पीटी रिजल्ट), 6वीं सीमित डिप्टी कलेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर, विभिन्न विश्वविद्यालयों और मेडिकल कॉलेजों के लिए सहायक प्रोफेसर, डेयरी विकास निदेशक, नन टीचिंग रजिस्ट्रार, मेडिकल ऑफिसर, सीनियर डेंटिस्ट, डिस्ट्रिक्ट डेंटल ऑफिसर और फैक्ट्री इंस्पेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं।