बोकारो। पर्वतपुर कोल ब्लॉक में विस्थापितों के नियोजन की मांग को लेकर धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने चेतावनी दी कि विस्थापितों को उनका अधिकार नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सांसद ने बोकारो के उपायुक्त पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे धरातल पर ठोस काम करने के बजाय नेतागिरी और फोटो खिंचवाने में अधिक रुचि ले रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ढुल्लू महतो ने कहा कि पर्वतपुर कोल ब्लॉक से प्रभावित विस्थापित लंबे समय से नियोजन की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर वार्ता के लिए उन्हें बुलाया गया था, लेकिन उनके अनुसार, जब उन्होंने अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, तो उनके मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिले। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विस्थापितों की समस्याओं के समाधान के लिए बैठक और वार्ता की बात कही जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारी संवाद से क्यों बच रहे हैं?

सांसद ने कहा कि विस्थापितों की नियोजन की मांग को प्रशासनिक कार्रवाई या धाराएं लगाने से समाप्त नहीं किया जा सकता। रोजगार विस्थापित परिवारों के भविष्य और अधिकारों से जुड़ा सवाल है। इसलिए जिला प्रशासन और संबंधित प्रबंधन को इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए नियोजन का रास्ता निकालना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।

ढुल्लू महतो ने सरकारी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर बिना टेंडर काम कराया जाता है और बाद में उसे रद्द कर दिया जाता है। उनके मुताबिक, ऐसी कार्यप्रणाली से सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका पैदा होती है। उन्होंने इस पूरे मामले की जवाबदेही तय करने की मांग की।

मौके पर चंदनकियारी के स्थानीय निवासियों के साथ भाजपा के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र राज, उपाध्यक्ष रामलाल सोरेन, भानु सिंह, विभीषण महथा, अमर सरकार सहित कई भाजपा नेता मौजूद थे। नेताओं ने विस्थापितों के अधिकारों और नियोजन की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखने की बात कही।