गिरिडीह। राज्य में जल जीवन मिशन के तहत क्रियान्वित जलापूर्ति योजनाओं में कई जगहों से संवेदकों की लापरवाही सामने आयी है। इस पर पेयजल मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने गहरी नाराजगी जतायी है। गुरुवार को गिरिडीह में उन्होंने गिरिडीह, धनबाद और बोकारो में जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा की। इसमें उन्होंने योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए लंबित एवं अधूरी योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने को कहा। निर्माण पूरा होने के बावजूद चालू नहीं हुई योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को साफ पेयजल की सुविधा का लाभ मिल सके। मंत्री ने संवेदकों के साथ कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्धारित समयसीमा में योजनाएं पूर्ण नहीं करने वाले संवेदकों एवं संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात भी कही। सिंगल विलेज स्कीम (एसवीएस) के अंतर्गत संचालित योजनाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए मंत्री ने राज्य स्तर एवं जिला स्तर पर कमिटी गठित करने का निर्देश दिया। बैठक में रॉ वाटर राइजिंग एवं क्लीन वाटर राइजिंग से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने संबंधित अधिकारियों एवं संवेदकों को इन कार्यों को अगले 90 दिनों के भीतर पूर्ण करने का स्पष्ट निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पेयजलापूर्ति व्यवस्था को प्रभावी एवं सुचारु बनाए रखने के लिए इन कार्यों का समयबद्ध निष्पादन आवश्यक है। संबंधित अधिकारियों एवं इंजीनियरों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा कार्यों में आ रही बाधाओं का त्वरित समाधान करने का निर्देश दिया। बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव, जल जीवन मिशन के अभियान निदेशक, प्रबंध निदेशक (एमडी), अभियंता प्रमुख, गिरिडीह के डीसी, बोकारो की डीडीसी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
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