मेदिनीनगर। दिहाड़ी मजदूर यूनियन की महापंचायत में मजदूरों के हक, अधिकार और सम्मान की लड़ाई को तेज करने का संकल्प लिया गया। इसके पूर्व उपायुक्त कार्यालय के समक्ष उग्र प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन गुरु तेग बहादुर मेमोरियल हॉल में किया गया। महापंचायत में मुख्य वक्ता हजारीबाग के पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता के अलावा मजदूर संगठन एटक के प्रदेश महासचिव लखन लाल महतो, किसान सभा के नेता केडी सिंह, महिला नेत्री आलोका कुजूर तथा इप्टा के राष्ट्रीय सचिव शैलेंद्र कुमार सहित अन्य वक्ताओं ने मजदूरों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा और उन्हें उनका वाजिब हक दिलाने के लिए संगठित संघर्ष जरूरी है। इसके साथ ही ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे एवं वनाधिकार कानून को सख्ती से लागू करने की मांग भी उठाई गई।
वक्ताओं ने कहा कि मजदूर समाज की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में मजदूर अपने बुनियादी अधिकारों से वंचित हैं। केंद्र में बैठी मोदी की सरकार अपनी हिटलरशाही के बदौलत श्रम कानूनों को बदलकर पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने का काम कर रही है। मजदूरों को उचित मजदूरी, सम्मानजनक जीवन और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए यूनियन आगे और भी मजबूत आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि मजदूरों के हक और अधिकार के लिए संघर्ष केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह निरंतर चलने वाली लड़ाई है। मजदूरों की समस्याओं के समाधान और उनके अधिकारों की प्राप्ति तक आंदोलन जारी रहेगा।
महापंचायत में वनाधिकार कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग करते हुए कहा गया कि वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके कानूनी अधिकार मिलने चाहिए। कानून के प्रावधानों को जमीन पर उतारने के लिए प्रशासन को गंभीरता से पहल करनी होगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता तीन सदस्यीय अध्यक्ष मंडली ने की। इसमें यूनियन के जिला अध्यक्ष अभय वर्मा, केदार सिंह चेरो और गौतम कुमार शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन राजीव कुमार के द्वारा किया गया। महापंचायत में महिला नेत्री आलोका कुजूर, सुनीता कुमारी, बेरोनिका, अफजल अंसारी सहित अन्य सामाजिक एवं श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में मजदूरों ने भाग लिया और मजदूर एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया।
