जमशेदपुर। शहर और आसपास के इलाकों में मौसम के पल-पल बदलते मिजाज के कारण स्वर्णरेखा और खड़कई नदियों के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है। कभी अचानक हो रही मूसलाधार बारिश तो कभी तेज धूप के चलते पहाड़ी और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से आ रहे पानी के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से घट-बढ़ रहा है। इससे तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच बाढ़ का खतरा और डर बना हुआ है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल शक्ति मंत्रालय के निर्देश पर जलस्तर की निगरानी तेज कर दी गई है। मानगो स्थित कार्यालय से प्रत्येक तीन घंटे में गेज के जरिए दोनों नदियों का जलस्तर मापा जा रहा है। इसका पूरा रिकॉर्ड तैयार कर नियमित रिपोर्ट भुवनेश्वर (ओडिशा) भेजी जा रही है, ताकि बाढ़ के किसी भी संभावित खतरे का समय रहते आकलन किया जा सके।
आपात स्थिति के लिए अलर्ट पर प्रशासन
निगरानी प्रणाली का मुख्य उद्देश्य अचानक आने वाली बाढ़ से पूर्व चेतावनियां जारी करना है। यदि जलस्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ता है, तो निचले और संवेदनशील इलाकों से लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की योजना बनाई गई है।
निचले इलाकों के निवासियों के लिए चेतावनी
प्रशासन ने नदी किनारे और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। मौसम के मिजाज और ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।
