बोकारो। निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली, विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया और मतदाता सूची में किए जा रहे बदलावों को लेकर कांग्रेस ने पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। रविवार को चास के रविंद्र भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मीडिया संयोजक डॉ. एम. तौसीफ ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार है, इसलिए इसमें नाम जोड़ने, हटाने अथवा संशोधन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के निर्देश पर 28 सितंबर को सभी जिला मुख्यालयों से कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकाला जाएगा।
डॉ. तौसीफ ने कहा कि कांग्रेस निर्वाचन आयोग की निर्णय प्रक्रिया, SIR से संबंधित कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर कई सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा कि पात्र नागरिक का नाम बिना उचित प्रक्रिया के मतदाता सूची से प्रभावित नहीं होना चाहिए और अपात्र व्यक्ति का नाम भी नियमानुसार जांच के बाद ही शामिल किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने मतदाता सूची में किए गए जोड़, विलोपन और संशोधनों की स्वतंत्र समीक्षा कराने की मांग की है।
उन्होंने निर्वाचन आयोग की डिजिटल प्रणाली, डेटा प्रबंधन और केंद्रीकरण से संबंधित प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच और ऑडिट की भी मांग रखी। साथ ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के संबंध में उठाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच तथा उनके कार्यकाल में लिए गए निर्णयों की व्यापक समीक्षा की मांग की गई। डॉ. तौसीफ ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए संबंधित संस्थाओं की जवाबदेही और पारदर्शिता आवश्यक है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष जवाहर लाल महथा ने कहा कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में नागरिकों को प्रभावी आपत्ति दर्ज कराने और सुनवाई का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से इन मुद्दों को संबंधित संस्थाओं के समक्ष रखेगी। उन्होंने 28 सितंबर के विरोध मार्च में पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, फ्रंटल संगठनों और कार्यकर्ताओं से भाग लेने की अपील की।
कांग्रेस की प्रमुख मांगों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र जांच, उनके कार्यकाल के निर्णयों की समीक्षा, SIR के तहत मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा, निर्वाचन आयोग की डिजिटल प्रणाली और डेटा प्रबंधन का ऑडिट तथा नागरिकों को आपत्ति एवं सुनवाई का प्रभावी अवसर देना शामिल है। मौके पर लाल किशोर सहदेव, शमशेर आलम, संजय पांडे, जमील अख्तर, अशोक मिश्रा, प्रेम राय, मनोज राय, जुबील अहमद, बदरे आलम और शोएब हसन समेत अन्य कांग्रेस नेता मौजूद थे।
