​रांची।राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर बाल कल्याण संघ द्वारा आयोजित ‘Different Context. Common Aspiration. One Future’(अलग-अलग पृष्ठभूमि। साझा आकांक्षा। एक ही भविष्य।)

विषयक स्टेकहोल्डर परामर्श कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बाल तस्करी जैसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए सरकार, पुलिस, प्रशासन, विद्यालय, पंचायत, सामाजिक संगठनों और युवाओं के संयुक्त प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं। प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित माहौल, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य का अधिकार मिलना ही चाहिए।

​राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि केवल संकटग्रस्त बच्चों को बचाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनके सुरक्षित पुनर्वास और उज्ज्वल भविष्य की व्यवस्था करना भी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि गरीबी, अशिक्षा और बेरोजगारी बाल श्रम तथा तस्करी की मुख्य वजहें हैं, जिसके खिलाफ ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में निरंतर जागरूकता अभियानों की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली प्रवास के दौरान जब वे झारखंड के छोटे बच्चों को घरेलू कामगार के रूप में देखते थे, तो उन्हें गहरा दुख होता था। हालांकि अब स्थितियों में सुधार आया है, लेकिन ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ने की दिशा में समाज को सामूहिक जिम्मेदारी निभानी होगी।

राज्यपाल ने युवाओं को बाल संरक्षण का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे तकनीक और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाएं और किसी भी पीड़ित बच्चे की जानकारी सही अधिकारियों तक पहुंचाएं।

​उन्होंने अंत में कहा कि ‘विकसित भारत-2047’ का सपना तभी साकार होगा, जब देश का हर बच्चा सुरक्षित, स्वस्थ और शिक्षित होगा। बच्चे सुरक्षित रहेंगे तो देश का भविष्य भी सशक्त बनेगा।