गुमला: गुमला की एडीजे संजीव भाटिया की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी अमित कुजूर को पॉक्सो एक्ट के तहत आजीवन कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर दोषी को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक सुधीर टोप्पो ने पैरवी की। मामला वर्ष 2017 का है। अभियोजन के अनुसार, 20 अगस्त 2017 की शाम जारी प्रखंड के सिकरी निवासी अमित कुजूर ने चार वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म किया था।

घटना के बाद संदेह के आधार पर दिव्यांग लेपड़ा खेरवार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई और वह करीब तीन वर्ष तक जेल में रहा। बाद में अमित कुजूर के गांव लौटने पर एक अन्य बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास के दौरान ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने वर्ष 2017 की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।

इसके बाद मामला अदालत पहुंचा, जहां वर्ष 2020 में लेपड़ा खेरवार को जमानत मिली। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने लेपड़ा खेरवार को दोषमुक्त (बाइज्जत बरी) कर दिया, जबकि अमित कुजूर को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।