बोकारो/चास: अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला समिति, चास शाखा द्वारा आयोजित दो दिवसीय सावन मेले का पहला दिन शुक्रवार को पारंपरिक उल्लास, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और रंगारंग कार्यक्रमों के बीच संपन्न हुआ। महिलाओं, बच्चों और समाज के लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने मेले को यादगार बना दिया।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि गंगा भालोटिया ने फीता काटकर किया। इसके बाद समिति की पूर्व अध्यक्षों एवं विशिष्ट सदस्यों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंच संचालन डॉ. उषा अग्रवाल ने किया।

कार्यक्रम की शुरुआत नन्हीं कियारा कालबलिया की आकर्षक गणेश वंदना से हुई। स्वागत भाषण में समिति की अध्यक्ष माया अग्रवाल ने कहा कि सावन का महीना भारतीय संस्कृति, प्रकृति संरक्षण और पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक है तथा ऐसे आयोजन सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करते हैं।

मेले में समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। बच्चों के लिए ‘पर्यावरण’ विषय पर फैंसी ड्रेस और सोलो डांस प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें पेड़, बादल, इंद्रधनुष और मोर की वेशभूषा में बच्चों की प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन वंदना मोदी और अंकिता जैन ने किया।

मेले में महिला उद्यमियों द्वारा लगाए गए हस्तशिल्प, सजावटी सामग्री और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी स्टॉल संचालक महिलाओं को उनकी सहभागिता और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।

समिति ने बताया कि मेले के दूसरे दिन भी सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं और मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। आयोजन को सफल बनाने में अध्यक्ष माया अग्रवाल, सचिव सुधा पिपुरिया, कोषाध्यक्ष उमा मानकसिया, मीडिया प्रभारी विनीता खंडेलवाल तथा समिति की सभी सदस्याओं की सक्रिय भूमिका रही।