बोकारो। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के झारखंड सरकार को लेकर दिए गए बयान पर झामुमो नेताओं ने पलटवार किया है। झामुमो जिलाध्यक्ष रतनलाल मांझी ने कहा कि भाजपा नेताओं को किसी मामले पर राजनीतिक बयान देने से पहले उसके पूरे तथ्यों को समझना चाहिए। जिस मामले को लेकर भाजपा लगातार राज्य सरकार पर आरोप लगा रही है, वह मामला फिलहाल उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में न्यायिक प्रक्रिया और न्यायालय की गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि न्यायालय में विचाराधीन मामले पर राजनीतिक मंच से पहले ही निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। छात्रों के आंदोलन और लाठीचार्ज की घटना को लेकर भी भाजपा नेताओं पर एकतरफा बयान देकर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार छात्रों की मांगों को सुनने और संवाद के जरिए समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, प्रशासन की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी है। पुलिस कार्रवाई की पूरी परिस्थिति और तथ्यों को निष्पक्ष रूप से सामने रखा जाना चाहिए।

झामुमो बोकारो महानगर अध्यक्ष मंटू यादव ने कहा कि घटना की वास्तविकता जांच और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से सामने आएगी। यदि पुलिस कार्रवाई में किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो कानून अपना काम करेगा। लेकिन केवल राजनीतिक बयानों के आधार पर सरकार और प्रशासन को दोषी ठहराना उचित नहीं है।

उन्होंने भाजपा से छात्रों और युवाओं के भविष्य के मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की। मंटू यादव ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार युवाओं और छात्रों के हितों को लेकर गंभीर है और संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान चाहती है। सरकार न्यायपालिका का सम्मान करती है और उच्च न्यायालय के निर्णय का पालन करेगी।

झामुमो नेताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दे किसी राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा नहीं होने चाहिए। सभी राजनीतिक दलों को आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर छात्रों के हित में सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए।

मौके पर झामुमो के प्रवक्ता आकाश टुडू, फयाज आलम, फिरदौस अंसारी, अमित सोरेन, पंकज मरांडी, मनोज हेमराम, राकेश सिन्हा, रब्बुल अंसारी, अशोक हेमराम, मनोज महतो, प्रमोद तापड़िया, शंकर ओझा, सुशांत मुंडा, समर मुंडा, रामदयालु सिंह, अर्जुन महतो, आजाद अंसारी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।