​बोकारो। बोकारो जिला कांग्रेस कमेटी ने जनहित, वित्तीय पारदर्शिता और संघीय व्यवस्था की रक्षा को लेकर बोकारो उपायुक्त के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

​ज्ञापन के ज़रिए कांग्रेस ने दो मुख्य माँगें उठाईं। खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम, 2026 के उन प्रावधानों की समीक्षा की मांग की गई जो राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता को प्रभावित करते हैं। मांग की गई कि सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के निर्णय के अनुसार झारखंड को कोयला, लोहा, तांबा जैसे खनिजों से मिलने वाले राजस्व और स्थानीय लोगों के हितों की संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित हो।श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण हेतु देश-विदेश के श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे, संपत्ति खरीद, खातों और खर्च की पारदर्शी व स्वतंत्र वित्तीय ऑडिट कराने तथा वित्तीय गड़बड़ी पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।

​कार्यक्रम में बोकारो विधायक श्वेता सिंह ने कहा कि खनन से होने वाले प्रदूषण और विस्थापन का दंश झेलने वाले झारखंड के वित्तीय हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं बेरमो विधायक कुमार जयमंगल सिंह ने सहकारी संघवाद को मजबूत करने और राज्यों को उनके संसाधनों का उचित हिस्सा देने पर जोर दिया।

​ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष जवाहर लाल महथा की अध्यक्षता और सुशील झा के संचालन में हुए इस विरोध कार्यक्रम व ज्ञापन सौंपने के दौरान बोकारो जिला प्रभारी मो. शमशेर आलम, उपाध्यक्ष प्रेम रॉय सहित कई प्रमुख कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।