हजारीबाग। हजारीबाग जिले में अवैध कोयला खनन और तस्करी के खिलाफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। एनटीपीसी-सीएमपी हजारीबाग की सीआईएसएफ टीम ने बड़कागांव थाना क्षेत्र के बेहद दुर्गम वन इलाकों में करीब 13 घंटे लंबा सघन अभियान चलाकर 256.71 टन अवैध कोयला बरामद किया है।गुप्त सूचना के आधार पर शुरू हुआ यह अभियान 26 अगस्त की दोपहर 2:00 बजे से लेकर 27 अगस्त की सुबह 3:00 बजे तक जारी रहा।

कार्रवाई स्थल बड़कागांव स्थित अभियान केंद्र से लगभग 50 किलोमीटर दूर गहरे जंगलों में था। रात का अंधेरा, बीहड़ जंगल और कठिन भौगोलिक परिस्थितियां जवानों के लिए बड़ी चुनौती थीं।बीहड़ इलाकों में छिपे कोयला भंडारों का पता लगाने के लिए सुरक्षा बलों ने ड्रोन से हवाई निगरानी की। हवाई इनपुट मिलते ही जमीनी टीमों ने सीधे संदिग्ध ठिकानों पर धावा बोला।

अभियान को सफल बनाने के लिए सीआईएसएफ के 100 से अधिक जवानों को अलग-अलग टीमों में बांटकर तैनात किया गया था। यह छापेमारी जोराकाट, चपरी और सेहंदा गांव के आसपास के जंगलों में स्थित अवैध कोयला डंपिंग यार्डों पर की गई।

जंगलों से जब्त किए गए 256.71 टन कोयले को तुरंत 10 हाइवा वाहनों में लोड कर एनटीपीसी के कांटा घर लाया गया, जहां आधिकारिक तौर पर इसका वजन दर्ज किया गया। रात में ही परिवहन की प्रक्रिया पूरी कर जब्त कोयले को सुरक्षित स्टॉक एरिया में रखवा दिया गया है। बड़कागांव, गिद्दी और चरही क्षेत्र में पिछले कुछ समय से बड़े पैमाने पर अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं। सीआईएसएफ की इस कड़ी कार्रवाई के बाद अवैध कोयला कारोबारियों और तस्करों के सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि क्षेत्र में अवैध खनन और भंडारण के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

फिलहाल जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि इतने बड़े पैमाने पर जंगल के भीतर कोयला डंप करने के पीछे कौन-कौन से सफेदपोश और स्थानीय गिरोह सक्रिय थे।