रांची। जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में पारदर्शिता, सीबीआई जांच की मांग और पूर्व में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को रांची में प्रदर्शन करते हुए विधानसभा घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने 200 से अधिक अभाविप कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता जब पुराने विधानसभा से जगन्नाथपुर मंदिर जाने वाले रास्ते पर गोलचक्कर के पास पहुंचे, तो पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद हिरासत में लिए गए लगभग 200 कार्यकर्ताओं को बसों में भरकर खेलगांव ले जाया गया।
इस दौरान जब पुलिस ने कार्यकर्ताओं से भरी बसों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया, तो छात्र व कार्यकर्ता विरोध दर्ज कराते हुए बसों के आगे लेट गए। पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक घसीटकर हटाया और हल्का लाठीचार्ज किया।
अभाविप के अनुसार सोमवार को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में ही इस विधानसभा घेराव का आह्वान किया गया था। राज्य सरकार द्वारा प्रदेशभर से रांची आ रहे विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं को जगह-जगह रोकने का प्रयास किया गया। संगठन ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे विद्यार्थियों पर पुलिस ने पुनः बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया। इस कार्रवाई में कई छात्र और छात्रा कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी, राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह, झारखंड प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी सहित अनेकों कार्यकर्ताओं को विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया। अभाविप के प्रदेश मीडिया संयोजक सत्यम मिश्रा ने पुलिस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि झारखंड सरकार का यह बल प्रयोग अत्यंत निंदनीय है। यह घटना राज्य सरकार के छात्र विरोधी मानसिकता और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति उसकी संवेदनहीनता को उजागर करती है।
भाजपा का राहुल गांधी और हेमंत सरकार पर जोरदार हमला
भाजपा के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने प्रेस वार्ता कर छात्रों के विधानसभा घेराव के दौरान हुई पुलिसिया कार्रवाई के लिए राज्य सरकार और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने 10 अगस्त को राज्य के इतिहास में 'काला दिवस' बताते हुए कहा कि लाठी-गोली, वाटर कैनन और आंसू गैस के दम पर छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए आदित्य साहू ने कहा कि राहुल गांधी दिल्ली और भाजपा शासित राज्यों में छात्रों के मुद्दों पर राजनीति करते हैं, लेकिन झारखंड में हेमंत सरकार के समर्थन के बावजूद चुप्पी साधे हुए हैं।
उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती दी कि यदि उनमें नैतिकता है, तो वे राज्य के छात्रों के साथ मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठें या सरकार से समर्थन वापस लें।
प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि आंदोलनकारी छात्रों और मीडियाकर्मियों पर बर्बर पुलिसिया कार्रवाई की गई। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने वाले मुख्यमंत्री के बयान पर भी सवाल उठाए।
श्री साहू ने आश्वस्त किया कि संसद के अंदर और बाहर पूरा एनडीए गठबंधन झारखंड के छात्रों के साथ मजबूती से खड़ा है। यह छात्र आंदोलन अब केवल झारखंड तक सीमित न रहकर पूरे देश का आंदोलन बन चुका है।
