बोकारो। जरीडीह थाना क्षेत्र के तुपकाडीह स्थित कुम्हारडीह जंगल में बीते 28 जुलाई को मिले 17 वर्षीय युवक बासुदेव कुमार के शव मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में यह खौफनाक सच सामने आया है कि बासुदेव की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसकी 40 वर्षीय पत्नी राखी रवानी ने अपने पुराने प्रेमी मुन्ना गुप्ता उर्फ दुर्गेश गुप्ता के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस निरीक्षक शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि तकनीकी जांच और संदेह के आधार पर जब पूछताछ की गई, तो हत्या की गुत्थी सुलझती चली गई।
उल्लेखनीय है कि गांधाजोड़ (चिराचास) निवासी बासुदेव कुमार की उम्र महज 17 वर्ष 4 महीने थी। बीते जून महीने में ही उसकी शादी 40 वर्षीय राखी रवानी से हुई थी।बासुदेव के परिजनों ने इस बेमेल विवाह का कड़ा विरोध किया और दोनों को घर से निकाल दिया। इसके बाद दोनों तुपकाडीह में किराए का मकान लेकर रहने लगे थे।
पुलिस के अनुसार आरोपी राखी रवानी की पहली शादी लगभग 20 वर्ष पूर्व बिहार के मोतिहारी में हुई थी, जिससे उसका एक 17 वर्षीय बेटा भी है। पहली शादी के दौरान ही राखी का अफेयर मुन्ना गुप्ता से हो गया, जिसके बाद वह अपने बच्चे को छोड़कर प्रेमी के साथ रहने लगी।
मुन्ना गुप्ता ने राखी को बिना बताए किसी अन्य महिला से शादी कर ली, जिससे नाराज होकर राखी ने बासुदेव से शादी कर ली थी। हालांकि, बाद में राखी और मुन्ना का संपर्क फिर शुरू हुआ और दोनों ने मिलकर बासुदेव को रास्ते से हटाने का षड्यंत्र रच डाला।
साजिश के तहत 26 जुलाई को बासुदेव को बहला-फुसलाकर एक कार में बैठाया गया और कुम्हारडीह के घने जंगल में ले जाया गया। वहाँ आरोपियों ने बासुदेव को जहरीला पदार्थ पिलाया।इसके बाद साड़ी के टुकड़े से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को जंगल में फेंककर फरार हो गए।
जरीडीह पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई कार, मोबाइल फोन, फंदा बनाने में इस्तेमाल साड़ी का टुकड़ा, कीटनाशक की शीशी, मृतक की चप्पल और शर्ट बरामद कर ली है।
