रांची: झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के चौतरफा घेराबंदी के बाद 16 माओवादियों ने आत्म समर्पण करने का फैसला लिया है। मंगलवार को सभी पुलिस मुख्यालय में सरेंडर करेंगे। पुलिस के मुताबिक, राज्य सरकार की आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति के प्रभाव में आकर माओवादी लगातार मुख्यधारा में लौट रहे हैं। इसी क्रम में एक दर्जन से अधिक इनामी और कुख्यात माओवादी सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण कर अपने हथियार डालेंगे। जानकारी के मुताबिक, इस आत्मसमर्पण करने वाले समूह पर कुल 60 लाख रुपये का इनाम घोषित था। फिलहाल इसे लेकर पुलिस मुख्यालय में जरूरी तैयारियां की जा रही हैं।
संतोष गांधी भी करेगा सरेंडर
सरेंडर करने वालों में सबसे प्रमुख चेहरा 15 लाख रुपये का इनामी रिजनल कमांडर संतोष उर्फ गांधी है। इसके अलावा 10-10 लाख रुपये के इनामी तीन जोनल कमांडर, पांच-पांच लाख रुपये के तीन सब-जोनल कमांडर, छह एरिया कमांडर और संगठन के तीन निचले दस्ता कैडर भी मुख्यधारा में शामिल होने वाले हैं।
3 महीने पहले 25 नक्सलियों ने डाले थे हथियार
3 माह पहले मई में 25 नक्सलियों ने पुलिस मुख्यालय में सरेंडर किया था। इसके अलावा टिपीएससी संगठन के 2 सदस्यों ने भी हथियार डाले थे। जिन 25 नक्सलियों ने सरेंडर किया था, उनमें से सभी मिसिर बेसरा दस्ते के सदस्य थे। इनमें सागेन अंगरिया, गांदी मुंडा सहित बड़े नाम शामिल थे।
