धनबाद। बारामूड़ी खटाल स्थित सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण के मामले में धनबाद अंचल प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अंचलाधिकारी ने संबंधित लोगों को चेतावनी दी है कि वे स्वयं अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा प्रशासन नियमानुसार बलपूर्वक कब्जा हटाने की कार्रवाई करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन को किसी अन्य के आदेश का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है।

मामले में अंचल प्रशासन की ओर से पूर्व में 155 लोगों को नोटिस जारी किया गया था और सोमवार को उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए धनबाद अंचल कार्यालय बुलाया गया था। सुनवाई के दौरान बारामूड़ी खटाल से लगभग 200 से 250 लोग अपना पक्ष रखने पहुंचे। सुनवाई के दौरान अंचलाधिकारी ने पुनः दोहराया कि यदि लोग स्वेच्छा से कब्जा नहीं हटाते हैं, तो प्रशासन कानून के तहत अपनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

बारामूड़ी खटाल में अतिक्रमण की शिकायतों के बाद प्रशासन द्वारा जमीन की मापी कराई गई थी, जिसमें करीब 18 एकड़ जमीन चिह्नित की गई। इसके अलावा लगभग 200 मकानों का सर्वे भी किया गया था। इस मापी और सर्वे के आधार पर ही 155 लोगों को बिहार लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम की धारा 3 के तहत नोटिस दिया गया था। प्रशासन का कहना है कि सोमवार की सुनवाई के बाद अब प्रस्तुत पक्षों और उपलब्ध रिकॉर्ड्स की समीक्षा कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

दूसरी ओर, इस मामले को लेकर राजनीति और विरोध भी शुरू हो गया है। बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव 4 नवंबर को धनबाद पहुंच रहे हैं। उनके प्रस्तावित कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सोमवार को निरसा खटाल में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि निरसा से सैकड़ों लोग धनबाद पहुंचकर इस आंदोलन में शामिल होंगे।