रांची। दीपावली और काली पूजा के अवसर पर राजधानी रांची उत्सव के अनूठे रंगों से सराबोर हो उठी है। शहर के प्रमुख मंदिरों, घरों और सार्वजनिक पूजा पंडालों में भव्य तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बाजारों में खरीदारी के लिए ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है, वहीं आतिशबाजी को लेकर बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

दीपावली के उपलक्ष्य में रांची के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों—हरमू स्थित श्याम मंदिर, पुंदाग के श्री राधा-कृष्ण मंदिर, ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर और महावीर मंदिर—को रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी, ताजे फूलों और दीपकों से दुल्हन की तरह सजाया गया है। रविवार (8 नवंबर) को इन प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा।

राजधानी की प्रमुख काली पूजा समितियों द्वारा इस वर्ष बेहद आकर्षक और अनोखी थीम पर पंडालों का निर्माण कराया जा रहा है। जय मां काली पूजा समिति (कचहरी चौक) में काल्पनिक पंडाल के माध्यम से श्रद्धालुओं को 'स्वर्ग और नरक लोक' की झलक देखने को मिलेगी। न्यू काली पूजा समिति (डोरंडा, काली मंदिर रोड) में दक्षिण भारत के प्रसिद्ध कथकली नृत्य और केरल की सांस्कृतिक धरोहर पर आधारित भव्य पंडाल का निर्माण कर रही है। कॉसमॉस यूथ क्लब (लालपुर) में कर्नाटक के मैसूर पैलेस परिसर स्थित सुप्रसिद्ध 'लक्ष्मी रमण स्वामी मंदिर' की तर्ज पर पंडाल को आकार दे रहा है।

कुसई कॉलोनी में पर्यावरण संरक्षण और नवाचार का संदेश देते हुए प्लास्टिक की बोतलों और चम्मचों का उपयोग कर अनूठा पंडाल तैयार किया जा रहा है।

मूर्तिकार भी मां काली की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में रात-दिन जुटे हुए हैं। इसके साथ ही विभिन्न समितियों द्वारा महाभोग वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जा रही है।

अपर बाजार, हरमू रोड सहित शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियों, मिट्टी के दीयों और सजावटी सामग्रियों की खरीदारी के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार चीनी (चाईनीज) लाइटों को पछाड़ते हुए 'मेक इन इंडिया' के तहत निर्मित स्वदेशी और नई थीम वाली 'इंडियन लाइट्स' की मांग सबसे अधिक देखी जा रही है।

त्योहार के दौरान विधि-व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।बाजारों और प्रमुख मंदिरों के आसपास भीड़ नियंत्रण हेतु बड़े वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

पटाखों या आतिशबाजी से जलने या दुर्घटना की स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष इंतजाम किए हैं। रिम्स में 18 बेड और सदर अस्पताल में 10 बेड का विशेष बर्न वार्ड आरक्षित रखा गया है।