रांची। संयुक्त राष्ट्र के आगामी वैश्विक जलवायु सम्मेलन (COP-31) में केंद्रीय विश्वविद्यालय, झारखंड (सीयूजे) के डॉ. चंद्र शेखर द्विवेदी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा उनके नामांकन के बाद सम्मेलन के आधिकारिक 'ब्लू जोन' परिसर में प्रवेश के लिए उनका पंजीकरण सुनिश्चित हो गया है।
आगामी 9 से 20 नवंबर तक तुर्किये के अंताल्या शहर में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन के खतरों और उनसे निपटने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श होगा। इसमें विभिन्न देशों के सरकारी प्रतिनिधि, वैज्ञानिक, पर्यावरण विशेषज्ञ, शोधकर्ता और नीति निर्माता भाग लेंगे। इस दौरान ग्लोबल वार्मिंग, प्राकृतिक आपदाओं, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु अनुकूलन, क्लाइमेट फाइनेंसिंग और नई तकनीकों के प्रयोग जैसे विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी।
डॉ. द्विवेदी का मुख्य शोध कार्य पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील हिमालयी और तटीय क्षेत्रों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का अध्ययन करने पर केंद्रित है। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी भागीदारी को झारखंड के शैक्षणिक और शोध क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
