गिरिडीह। जिले के डुमरी निवासी सुनील कुमार को देश की प्रमुख महारत्न तेल एवं गैस कंपनी-ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) का अगला चेयरमैन नियुक्त किया गया है। कंपनी के इतिहास में यह पहला अवसर है जब किसी अधिकारी का चयन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद से सीधे इस शीर्ष जिम्मेदारी के लिए हुआ है।

कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। आधिकारिक आदेश के अनुसार, सुनील कुमार आगामी 7 दिसंबर या उसके बाद पदभार ग्रहण करेंगे और उनका यह कार्यकाल तीन वर्ष या अगले आदेश तक (जो भी पहले हो) निर्धारित किया गया है।

स्वर्गीय नंद कुमार गुप्ता और तुलसी देवी के सुपुत्र सुनील कुमार की प्रारंभिक शिक्षा बेहद साधारण माहौल में डुमरी में ही हुई। उन्होंने बेसिक स्कूल डुमरी से सातवीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद केबी हाई स्कूल से वर्ष 1984 में मैट्रिक की परीक्षा स्कूल टॉपर के रूप में पास की। उच्च शिक्षा संत कोलंबस कॉलेज, हजारीबाग से प्रथम श्रेणी में आईएससी करने के बाद उन्होंने प्रतिष्ठित आईएसएम धनबाद से पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। इसके अलावा, उन्होंने मार्केटिंग और फाइनेंस में विशेषज्ञता के साथ बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई भी पूरी की।

सुनील कुमार ने वर्ष 1991 में ओएनजीसी में बतौर असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अपने करियर की शुरुआत की थी। तीन दशक से अधिक के अपने शानदार करियर में उन्होंने मुंबई, दिल्ली, हजीरा और काकीनाडा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में वह ओएनजीसी के मेहसाणा एसेट में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और एसेट मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं।

सुनील कुमार का पूरा परिवार शिक्षा और उच्च उपलब्धियों के लिए जाना जाता है। उनके पिता स्व. नंद कुमार गुप्ता ने 1961 में संत कोलंबस कॉलेज से गणित में ऑनर्स से बीएससी की थी और वे शिक्षा व व्यवसाय से जुड़े रहे। बेटे की इस ऐतिहासिक सफलता पर उनकी माता तुलसी गुप्ता की आंखें खुशी के आंसुओं से भर आईं। उनके बड़े भाई राकेश कुमार गुप्ता इसरी मध्य विद्यालय में विज्ञान शिक्षक सह प्रभारी प्रधानाध्यापक हैं। मंझले भाई राजेश कुमार गुप्ता ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन में अडानी ग्रुप में जीएम (फाइनेंस) एवं कंपनी सेक्रेटरी हैं, जबकि छोटे भाई सुशील कुमार गुप्ता सिडनी स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में वैज्ञानिक हैं। इसके अलावा उनके बहनोई प्रदीप कुमार भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर में वरिष्ठ वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत हैं।

सुनील कुमार के चाचा अशोक कुमार गुप्ता सहित पूरे गिरिडीह जिले और झारखंड भर के शुभचिंतकों में इस बड़ी उपलब्धि को लेकर भारी उत्साह है। परिजनों का कहना है कि सुनील बचपन से ही अत्यंत मेधावी, ईमानदार और कर्मठ रहे हैं। उनकी इस सफलता से न केवल परिवार, बल्कि पूरे राज्य का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है।