रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों के साथ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत चल रहे कार्यों की उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने नो-मैपिंग, लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी के मामलों, और फॉर्म-6, 7 व 8 के आवेदनों के डिजिटाइजेशन की प्रगति का जायजा लिया।
आगामी 26 अक्टूबर को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ होने वाली बैठक में एसआईआर की अद्यतन प्रगति साझा की जाएगी। इसे ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को सुनवाई और ECINET पर प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और सुपरवाइजरों के कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए जिलावार 8 प्रतिशत फॉर्म-6 के डिजिटाइजेशन का लक्ष्य सुनिश्चित करने को कहा गया है। धीमी प्रगति वाले मतदान केंद्रों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
होम-टू-रोल सत्यापन के लिए भौतिक निरीक्षण पर जोर दिया गया। विशेषकर जनजातीय बहुल क्षेत्रों में नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने के लिए फॉर्म-6 हेतु विशेष कैंप आयोजित करने और दस्तावेज सत्यापन में पूरी मदद करने को कहा गया है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सुनवाई और रिपोर्टिंग में किसी भी प्रकार की खानापूर्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर मामले की दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार सूक्ष्म जांच और निष्पक्ष निर्णय सुनिश्चित किया जाए। बिना समुचित परीक्षण के सामूहिक आदेश पारित करने पर रोक लगाई गई है।
यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी पात्र नागरिक (विशेषकर दूरस्थ, ग्रामीण, जनजातीय, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, प्रवासी श्रमिक और वंचित समूहों से जुड़े लोग) मतदाता सूची से छूटने न पाएं। साथ ही, यह भी पूरी तरह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी अपात्र व्यक्ति या विदेशी नागरिक का नाम सूची में शामिल न हो।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
