बोकारो। सेल मुख्यालय के निर्देशों के आलोक में बोकारो स्टील प्रबंधन ने 'शून्य दुर्घटना'का लक्ष्य हासिल करने के लिए एक व्यापक और ठोस रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा और शून्य दुर्घटना का लक्ष्य प्राप्त करना भी उतना ही अनिवार्य है।

प्लांट में सुरक्षा मापदंडों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभागीय स्तर से लेकर मुख्य प्लांट स्तर तक विशेष सुरक्षा कमेटियों का गठन किया गया है। इन समितियों में केवल अधिकारियों और नियमित कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि विस्थापित कामगारों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है ताकि सुरक्षा व्यवस्था में सभी की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। यह समिति प्रतिदिन अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप रही है।

वर्तमान में बोकारो स्टील प्लांट का एक बड़ा हिस्सा ठेका मजदूरों पर निर्भर है। सुरक्षा उपकरणों के वितरण में किसी भी तरह का भेदभाव न करते हुए, जो उपकरण नियमित कर्मचारियों को दिए जा रहे हैं, वही ठेका मजदूरों को भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हालांकि, ठेका मजदूरों की संख्या अत्यधिक होने के कारण सभी तक शत-प्रतिशत उपकरण पहुंचाने में थोड़ा समय लग रहा है, जिसे जल्द पूरा करने का प्रयास जारी है।

सुरक्षित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रबंधन अब कर्मचारियों और अधिकारियों के व्यवहार पर भी बारीक नज़र रख रहा है। प्लांट परिसर में विशेष सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके ज़रिए कामगारों की हर गतिविधि की मॉनिटरिंग की जा रही है।

कैमरों के माध्यम से यह जांचा जा रहा है कि कर्मचारी सुरक्षा उपकरणों का सही उपयोग कर रहे हैं या नहीं। कोई कर्मचारी या अधिकारी अपने विभाग को छोड़कर अनावश्यक रूप से दूसरे विभाग में तो नहीं बैठा है। कार्य के दौरान सुरक्षा मापदंडों का कोई उल्लंघन तो नहीं हो रहा है। नियमों की अवहेलना करने वालों पर प्रतिदिन मॉनिटरिंग के आधार पर सख्त कार्रवाई भी की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि पिछले दो वर्षों के दौरान बोकारो स्टील प्लांट में हुई विभिन्न दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान चली गई थी और कई कामगार घायल हुए थे। इन हादसों को गंभीरता से लेते हुए सेल मुख्यालय और स्थानीय प्रबंधन अब प्लांट के अंदर और बाहर एक सुरक्षित वातावरण तैयार करने तथा शत-प्रतिशत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की दिशा में पूरी गंभीरता से काम कर रहे हैं। प्रबंधन के इन प्रयासों से काफी हद तक सुरक्षा में सुधार देखने को मिला है।