रांची। दीपावली, छठ, गुरु पर्व, क्रिसमस और नव वर्ष जैसे आगामी त्योहारों के मद्देनजर झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने राज्यभर में वायु एवं ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए बेहद कड़े निर्देश जारी किए हैं। पर्षद ने स्पष्ट किया है कि सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों का पूरी सख्ती से पालन कराया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और पर्यावरण संरक्षण कानूनों के तहत सीधी कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल और जुर्माने की सजा दी जाएगी।
राज्य के जिन जिलों या शहरी क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'अच्छा या संतोषप्रद' (0–100) की श्रेणी में होगा, केवल वहीं 125 dB(A) से कम ध्वनि सीमा वाले पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति होगी। अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
त्योहारों के अनुसार पटाखे चलाने का निर्धारित समय:
दीपावली एवं गुरु पर्व: केवल दो घंटे - रात्रि 08:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक, छठ पूजा: केवल दो घंटे - प्रातः 06:00 बजे से प्रातः 08:00 बजे तक और क्रिसमस एवं नव वर्ष: केवल 35 मिनट-मध्य रात्रि 11:55 बजे से मध्य रात्रि 12:30 बजे तक ही पटाखे फोड़ सकते हैं।
पर्षद के सदस्य सचिव राजीव लोचन बक्शी के हस्ताक्षर से जारी आदेश में वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 31(A) के तहत यह कदम उठाया गया है। पर्षद ने चेतावनी दी है कि तय समय-सीमा के बाहर पटाखे जलाने या नियमों की अवहेलना करने परभारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के सुसंगत प्रावधानों के तहत मामले दर्ज होंगे।
वायु अधिनियम की धारा 37 और पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत चालान, भारी जुर्माना और जेल की सजा भुगतनी होगी।
झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे पर्यावरण को सुरक्षित रखने में सहयोग करें तथा त्योहारों के दौरान बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखते हुए केवल निर्धारित समय सीमा के भीतर ही नियमों का पालन करें।
