​रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विशेष पहल पर जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के जीवन में नया सवेरा आया है। राज्य सरकार द्वारा इलाज के लिए कोच्चि भेजे गए 98 बच्चों में से 91 बच्चों का अमृता हॉस्पिटल में सफल इलाज हो चुका है।

​शनिवार को अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने इस उपलब्धि पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के चिकित्सकों और अमृता हॉस्पिटल की टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी व अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के मार्गदर्शन से स्वास्थ्य सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं।

​अभियान निदेशक ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे स्थानीय सांसदों, विधायकों और मुखियाओं के सहयोग से ऐसे अन्य पीड़ित बच्चों की पहचान कर उन्हें इलाज के लिए प्रेरित करें।

एनएचएम ने अमृता हॉस्पिटल से अनुरोध किया है कि वे झारखंड में भी ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में मदद करें, ताकि बच्चों को राज्य से बाहर न जाना पड़े।सरकार का लक्ष्य है कि राज्य का कोई भी बच्चा जन्मजात हृदय रोग के इलाज से वंचित न रहे और पूरे झारखंड को इस बीमारी के प्रभाव से मुक्त किया जा सके।

इस अभियान में डॉ. बृजेश, डॉ. कृष्ण कुमार, एनएचएम राज्य समन्वयक मुकेश कुमार, अमृता हॉस्पिटल के जनसंपर्क अधिकारी आदित्य कुमार और रोटरी कोच्चि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।