बोकारो। अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत बोकारो के सेक्टर 11 के पास 746 एकड़ क्षेत्र में औद्योगिक कॉरिडोर का निर्माण प्रस्तावित है। हालांकि, जमीन के मूल्यांकन को लेकर बोकारो स्टील (सेल) और झारखंड सरकार के बीच सहमति न बन पाने के कारण परियोजना अधर में लटकी हुई है।

सेल ने करीब 581 एकड़ रैयती भूमि के लिए ₹1,353.56 करोड़ के बाजार मूल्य का दावा किया है। जिला प्रशासन ने जहां जमीन की दर लगभग ₹13,600 प्रति डिसमिल तय की थी, वहीं सेल ने व्यावसायिक दर के आधार पर ₹2.33 लाख प्रति डिसमिल की मांग रखी है। बोकारो स्टील प्रबंधन का तर्क है कि जिस दर पर उसने रेलवे को जमीन दी थी, उसी दर पर राज्य सरकार को भी कॉरिडोर के लिए जमीन का प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा, सड़क निर्माण के लिए आवश्यक जमीन और वन भूमि के लिए प्रबंधन ने कोई कीमत न लेने का प्रस्ताव रखा है।

स्थानीय विधायक श्वेता सिंह ने सेल प्रबंधन के इस रुख को 'विकास विरोधी' बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि सेल जमीन देने में टालमटोल कर रहा है, जिससे बोकारो के विकास और रोजगार के अवसरों पर असर पड़ रहा है।

इस परियोजना के तहत कुल 746 एकड़ जमीन में से 149 एकड़ सड़क व अन्य बुनियादी ढांचे के लिए आरक्षित रहेगी।केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए प्रस्तावित राशि राज्य को उपलब्ध करा दी है।

इस कॉरिडोर के बनने से क्षेत्र में नए उद्योगों और बड़े निवेश का आगमन होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और बोकारो की औद्योगिक पहचान और मजबूत होगी। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या राज्य सरकार और सेल के बीच जल्द कोई बीच का रास्ता निकल पाता है।

उत्तम कनेक्टिविटी (रेल, हाईवे), पानी-बिजली की उपलब्धता और निकट स्थित धनबाद औद्योगिक क्षेत्र के कारण बोकारो को इस कॉरिडोर के लिए सबसे उपयुक्त स्थान माना गया है।

सेल ने मेडिकल कॉलेज के लिए 25 एकड़ जमीन निशुल्क दी थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और ईएसआई अस्पताल के लिए बाजार दर पर राशि मांगी है।