रांची। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को भारतीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (ICAR-IIAB), रांची के नए प्रशासनिक भवन का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने बिरसा मुंडा सभागार, जयपाल सिंह मुंडा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और नेक्स्टजेन ब्रीडिंग सेंटर का भी लोकार्पण किया, साथ ही एक नए गेस्ट हाउस की आधारशिला रखी।
समारोह की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। इसके बाद किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि रांची जल्द ही कृषि जैव प्रौद्योगिकी के एक बड़े केंद्र के रूप में उभरेगा। उन्होंने किसानों से पारंपरिक खेती के बजाय आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने की अपील की। मिट्टी की सेहत, पानी की उपलब्धता और सही फसल के चुनाव पर ध्यान देने के साथ-साथ उन्होंने एकीकृत कृषि प्रणाली (इंटीग्रेटेड फार्मिंग) को अधिक से अधिक अपनाने पर जोर दिया।
कृषि मंत्री ने आश्वासन दिया कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देश में खाद और यूरिया की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने राज्य सरकार के साथ मिलकर किसानों को समय पर बीज और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की बात कही, साथ ही नवंबर तक 'खेती बचाओ अभियान' चलाने का सुझाव दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए जैविक खेती और कम समय में तैयार होने वाली फसलों के अनुसंधान पर बल दिया। उन्होंने घोषणा की कि केंद्र सरकार, झारखंड सरकार के साथ मिलकर राज्य के लिए एक विशेष कृषि रोडमैप तैयार करेगी, जिससे किसानों की आय और उत्पादन में बढ़ोतरी हो सके।
इस समारोह में आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम एल जाट, निदेशक डॉ. सुजय रक्षित, कई वैज्ञानिक, छात्र और बड़ी संख्या में स्थानीय किसान मौजूद रहे।
