मेदिनीनगर। शहर के हमीदगंज निवासी आयुष कुमार सिन्हा ने अपनी कला और संगीत के पारिवारिक संस्कारों से एक अनूठी मिसाल पेश की है। आयुष ने इस बार किसी बाहरी पंडाल की बजाय खुद अपने हाथों से माता दुर्गे की बेहद सुंदर प्रतिमा तैयार की है और अपने घर में ही विधि-विधान से मां की स्थापना कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

आयुष की इस कलात्मक और धार्मिक साधना को संगीत के सुरों ने और भी अलौकिक बना दिया है। आयुष के पिता अंजनी कुमार सिन्हा एक प्रतिष्ठित संगीत शिक्षक हैं, और परिवार के अन्य सदस्य भी संगीत की विधा से गहराई से जुड़े हुए हैं।

जब शाम के वक्त आयुष और उसका पूरा परिवार माता रानी की प्रतिमा के समक्ष बैठकर एक स्वर में भजन प्रस्तुत करता है, तो पूरा घर और आसपास का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है। संगीतमय धुनों और मां की आराधना से सजी यह महफिल सुनने वालों को मंत्रमुग्ध कर देती है।

जैसे-जैसे यह बात हमीदगंज और आसपास के इलाकों में फैली, आयुष के घर पर माता के दर्शन करने और इस अनोखे परिवार की जुबानी भजन सुनने के लिए भारी भीड़ जुटने लगी है। हर कोई आयुष की इस रचनात्मकता और पूरे परिवार के इस समर्पित भक्ति भाव की सराहना कर रहा है।