​रांची। ​एसआईआर(सघन पुनरीक्षण अभियान) को लेकर राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर इस प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का गंभीर आरोप लगाया है। शुक्रवार को रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने देश के मौजूदा राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।

​डॉ. मजूमदार ने स्पष्ट किया कि एसआईआर को लेकर जनता को सच्चाई से अवगत कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि बार-बार झूठ बोलने से लोग उसे सच मानने लगते हैं।

​उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने एसआईआर को लेकर ऐसा माहौल बनाया जैसे यह प्रक्रिया देश में पहली ऐसा हो रहा हो, जबकि SIR देश में पहले भी हो चुके हैं और यह प्रक्रिया 20 साल के अंतराल के बाद हो रही है। विपक्ष द्वारा 13 करोड़ नाम काटे जाने के दावे पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि इनमें से अधिकांश नाम वे हैं जो या तो दूसरी जगहों पर स्थानांतरित हो चुके हैं या मृत वोटर हैं।

​नाम कटने/हटने के आंकड़ों का वर्गीकरण:

​संस्थायी/स्थायी प्रवासी: 6.3 करोड़ (48.1%)

​सर्वे के दौरान अनुपस्थित वोटर: 3 करोड़ (22.9%)

​मृत घोषित वोटर: 2.8 करोड़ (21.4%)

​डुप्लीकेट पंजीकरण: 1.0 करोड़ (7.6%)

​डॉ. मजूमदार ने आगे कहा कि इस समय फॉर्म-7 की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 20 लाख बीएलए शामिल हैं। जब विपक्ष से एसआईआर में गड़बड़ियों का आधार पूछा जाता है, तो वे सिर्फ यह कहते हैं कि उन्हें ऐसा 'फील' हो रहा है। यही वजह है कि जब वे इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट गए, तो उन्हें वहां भी निराशा हाथ लगी।

​सुकांत मजूमदार ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि साल 2014 से 2025 के बीच विपक्ष को कुल 56 चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस दौरान करोड़ों लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं।

​उन्होंने आरोप लगाया कि बाहर से प्रभावशाली लोगों और ध्रुव राठी जैसे चेहरों को लाकर गलत खबरें चलवाई गईं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि लोकतंत्र में शॉर्टकट से 'रिजीम चेंज' संभव नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री बनने के लिए राहुल गांधी को चुनाव में जनता का भरोसा जीतना होगा।

​प्रेस वार्ता के बाद केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने गिरिडीह सांसद सीपी चौधरी से मुलाकात की। इस दौरान पुरुलिया सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इस बैठक के दौरान पश्चिम बंगाल और झारखंड से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर सार्थक और सकारात्मक चर्चा हुई। नेताओं के बीच विशेष रूप से जनहित के मुद्दों, सीमावर्ती क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास, सामाजिक समरसता, सशक्तिकरण और दोनों राज्यों के बीच विकासात्मक समन्वय को और अधिक मजबूत बनाने पर गहन विचार-विमर्श किया गया।