रांची। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) में शामिल अभ्यर्थियों ने परीक्षा से जुड़ी विसंगतियों के आधार पर 20 से 25 फीसदी तक ग्रेस मार्क्स देने की मांग उठाई है। शुक्रवार को ऑल स्टेट बीएड-डीएलएड स्टूडेंट्स एसोसिएशन, झारखंड के अध्यक्ष काजल मंडल ने रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर परीक्षा के दौरान हुई परेशानियों और अभ्यर्थियों की स्थिति पर अपनी बात रखी। काजल मंडल ने कहा कि झारखंड में वर्ष 2016 के बाद सीधे 2026 में जेटेट आयोजित हुई है। दस साल के लंबे अंतराल के कारण कई अभ्यर्थियों के लिए यह परीक्षा बेहद अहम थी। इस दौरान बड़ी संख्या में बीएड और डीएलएड उत्तीर्ण अभ्यर्थी पात्रता परीक्षा में शामिल होने के अवसर से वंचित रहे। वर्ष 2023 में सहायक आचार्य के 26,001 पदों पर हुई नियुक्ति प्रक्रिया में भी जेटेट आयोजित नहीं होने के कारण कई अभ्यर्थियों को मौका नहीं मिल सका। एसोसिएशन ने परीक्षा की तैयारी और संचालन से जुड़ी कई समस्याएं उठायीं। काजल मंडल के अनुसार, परीक्षा से पहले आधिकारिक मॉडल प्रश्नपत्र जारी नहीं किए गए थे। इसके अलावा प्रश्नपत्र के कुछ सेट में प्रश्नों के क्रमांक में गड़बड़ी होने से ओएमआर शीट भरने के दौरान अभ्यर्थियों को परेशानी हुई। एसोसिएशन का कहना है कि समय सीमित होने के कारण कई अभ्यर्थियों से उत्तर भरने में गलतियां हुईं। ऐसे में परीक्षा की इन विसंगतियों को ध्यान में रखकर अभ्यर्थियों को अतिरिक्त अंकों का लाभ दिया जाना चाहिए। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री सचिवालय सहित संबंधित विभागों और अधिकारियों को ज्ञापन देकर इस मामले में राहत देने की अपील की है।