रांची। जेएससीए इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आगामी मैचों के दौरान टिकट आवंटन और पास वितरण को लेकर सवाल उठने लगे हैं। झारखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता हेमंत कुमार शिकारवार ने झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए ) के मानद सचिव को ज्ञापन सौंपकर टिकटिंग व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने की मांग की है।
अधिवक्ता ने नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि यदि नि:शुल्क या सौजन्य पास (Complimentary Passes) की सीमा अधिकतम 10 प्रतिशत निर्धारित है, तो स्टेडियम की कुल स्वीकृत क्षमता की शेष 90 प्रतिशत सीटें आम क्रिकेट प्रेमियों के लिए सार्वजनिक बिक्री हेतु उपलब्ध होनी चाहिए।
ज्ञापन में उठाई गई मुख्य मांगों में कहा गया है कि संस्थागत कोटे, प्रायोजकों और पासों के नाम पर होने वाली मनमानी पर रोक लगे, ताकि टिकट खरीदकर मैच देखने वाले साधारण दर्शक वंचित न रहें।
आगामी 9 अक्टूबर 2026 को होने वाले भारत-वेस्टइंडीज टी-20 मैच से पहले स्टेडियम की कुल क्षमता, श्रेणीवार टिकट दरें, ऑनलाइन/ऑफलाइन बिक्री का ब्योरा और पास आवंटन की नीति जेएससीए की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाए।टिकटों की जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए खरीदारों का मोबाइल सत्यापन, प्रति व्यक्ति टिकट सीमा और थोक बुकिंग की सख्त निगरानी की जाए।
जारी किए गए सभी पासों का अंकेक्षण योग्य रजिस्टर तैयार हो। साथ ही पूर्व में आयोजित मैचों के बेचे गए टिकटों, शेष बचे पासों और कर संबंधी दस्तावेजों का पूर्ण मिलान कर वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्टेडियम प्रशासन में कानूनी और पारदर्शी ढांचा स्थापित करना है, ताकि जिस आम क्रिकेट प्रेमी के लिए मैच का आयोजन होता है, उसे व्यवस्था में प्राथमिकता मिल सके।
