बोकारो। बिहार झारखंड के युवाओं ने भारतीय फिल्म इंडस्ट्रीज में तुम मेरे हो फिल्म का शानदार आगाज करते हुए भूचाल मचा दी है। देश भर के विभिन्न पीवीआर एवं थिएटर में फिल्म हाउसफुल जा रहा है। चास बोकारो को अत्यंत गौरव एवं खुशी का पल इस फिल्म के प्रोड्यूसर आरती सिंह के कारण मिली है।
तुम मेरे हो फिल्म की प्रोड्यूसर आरती सिंह जो मूलत बोकारो स्टील सिटी में जन्म लेकर इंटर तक की पढ़ाई की एवं वर्तमान में चास नगर निगम के वार्ड 32 श्रीकृष्ण पुरी कॉलोनी में सपरिवार रह रही है, उन्होंने एक सुंदर टीम के साथ उक्त फिल्म का उपहार देशभर में दी है। आरती सिंह के पिता उमाशंकर प्रसाद सिंह उर्फ बोलबम जो एच.एस.सी.एल बोकारो से सेवानिवृत अभियंता रहे है और माता लाली सिंन्हा गृहिणी जीवन में अपने को रखते हुए अपने चार बच्चे बच्चियों का संस्कारयुक्त पालन पोषण की हैं। आज चास बोकारो के अनेक सामाजिक संगठन के लोगों ने चास नगर निगम के वार्ड संख्या 32 कृष्णापुरी कॉलोनी निवासी आरती सिंह के पिता उमाशंकर प्रसाद सिंह उर्फ बोलबम एवं माता लाली सिंन्हा को अंगबस्त्र एवं मिठाई खिलाकर अभिनंदन किया।
उक्त अवसर पर उमाशंकर प्रसाद सिंह ने कहा कि तुम मेरे हो फिल्म के सभी कलाकार साधारण परिवार से संबंध रखते हैं। सभी लोगों ने अपने खून पसीने की कमाई का पैसा लगाकर फिल्म तुम मेरे हो बनाई है। उक्त फिल्म में बिहार झारखंड के अधिकतर कलाकार हैं। आज हमें गर्व होता है कि छोटे से शहर से निकलकर फिल्म इंडस्ट्रीज में समाज के युवा अपनी कला एवं कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं। हम सबको भी अपने बच्चों का मनोबल बढ़ाने के लिए बढ़ चढ़कर अपने कलाकारों का उत्साह बढ़ाना चाहिए।
अभिनंदन कार्यक्रम में झारखंड पेंशनर्स कल्याण समाज के बोकारो जिला अध्यक्ष बालकृष्ण मुरारी, सदस्य जितेंद्र प्रसाद सिंह, सुबोध सिंह, वार्ड 32 की पार्षद संजू देवी,चास बोकारो ट्रक ऑनर संगठन के अध्यक्ष नारायण शर्मा,शैक्षणिक उन्नयन ट्रस्ट के बोकारो जिला संयोजक अभय कुमार मुन्ना, स्वामी सहजानंद सरस्वती सेवा समाज बोकारो के काशीनाथ राय, रामकुमार सिंह, सुनील सिंह, श्री कृष्णा पांडेय, राजीव शर्मा, अरबिंद राय, युवा प्रदेश अध्यक्ष भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच फाउंडेशन झारखंड के समरेश चौधरी ने आरती सिंह और उनकी पूरी टीम को फिल्म की सफलता के लिए अग्रिम बधाई दी। साथ ही साथ सभी ने फिल्म को लेकर मुंबईया फिल्म इंडस्ट्रीज के बड़े-बड़े फ़िल्म माफ़ियाओ के दबाव में नहीं आने एवं सुदूर गांवों तक फिल्म के माध्यम से समाज को दिए गए संदेश को पहुंचाने का कामना किया।
