रामगढ़। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) ने स्थानीय बेरोजगार युवाओं, विस्थापितों और मजदूरों की समस्याओं को लेकर झारखंड कोलियरी प्रबंधन पर दबाव बढ़ा दिया है। पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष रवि कुमार महतो के नेतृत्व में झारखंड उत्खनन परियोजना (झारखंड कोलियरी, रामगढ़) के परियोजना पदाधिकारी को 11 सूत्री मांगों के संबंध में एक रिमाइंडर नोटिस सौंपा गया है। संगठन ने प्रबंधन को चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
प्रमुख मांगों में महीनों से बंद पड़े लोकल सेल को अविलंब चालू किया जाए,
आउटसोर्सिंग कंपनियों में 75% स्थानीय रैयत, विस्थापित और प्रभावित लोगों को रोजगार मिले, कार्यरत मजदूरों को एचपीसी दर पर मानदेय भुगतान किया जाए,1 करोड़ रुपये तक के ठेकेदारी कार्य स्थानीय बेरोजगारों को सीधे दिए जाएं, लोकल सेल में लेबर लोडिंग की दर 2,500 से बढ़ाकर 5,000 की जाए, रामगढ़ और हजारीबाग के लिए कॉलेज बस, स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ एम्बुलेंस और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था हो। इसके अलावा युवाओं के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण, रैयत व विस्थापित परिवारों में मृत्यु होने पर दाह-संस्कार के लिए कोयला उपलब्ध कराना, और रोड सेल के कोयले में 75% हिस्सा स्थानीय युवाओं को बेसिक दर पर देना।
संगठन का कहना है कि इन मांगों का सीधा संबंध स्थानीय विकास और जनहित से है। जेएलकेएम ने स्पष्ट किया है कि यदि 7 दिनों के भीतर मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। इस नोटिस की प्रतिलिपि सीएमडी (रांची), जीएम (हजारीबाग एरिया), डीसी (रामगढ़) और थाना प्रभारी (घाटो ओपी) को भी भेज दी गई है। यह जानकारी केंद्रीय मीडिया प्रभारी रमेश कुमार महतो ने दी।
