रांची। झारखंड सरकार ने राज्य के किसानों के हितों की रक्षा और धान खरीद व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। धान खरीद में बिचौलियागिरी, धोखाधड़ी और अनियमितताओं को समाप्त करने के लिए खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने खरीफ विपणन मौसम 2025-26 तथा आगामी वर्षों के लिए ‘झारखंड राज्य धान अधिप्राप्ति योजना’ में व्यापक संशोधनों का प्रस्ताव तैयार किया है।
इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य धान की खरीद, परिवहन, भंडारण और मिलिंग तक की पूरी प्रक्रिया को जवाबदेह, पारदर्शी और आधुनिक तकनीक पर आधारित बनाना है।
धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए किसानों के पंजीकरण और सत्यापन व्यवस्था को कड़ा किया गया है। पंजीकृत किसानों की भूमि का सत्यापन अंचल कार्यालय के माध्यम से कराया जाएगा।धान बेचने वाले प्रत्येक किसान के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है।
प्रत्येक धान अधिप्राप्ति केंद्र पर वजन, स्टैकिंग और लोडिंग क्षेत्रों में कार्यशील सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा।ये सभी कैमरे झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से सीधे जुड़े रहेंगे।सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग को कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखा जाएगा ताकि जांच में मदद मिल सके।
धान और चावल के परिवहन में गबन या गड़बड़ी रोकने के लिए वाहनों में जीपीएस (GPS) / VLTS उपकरण लगाना अनिवार्य होगा।इससे अधिप्राप्ति केंद्रों से राइस मिलों तक धान, और मिलरों से निर्धारित डिपो तक चावल ले जाने वाले वाहनों की रियल टाइम निगरानी हो सकेगी।
जिन अधिप्राप्ति केंद्रों पर पिछले वर्षों की बकाया राशि, देयता या लंबित वसूली बाकी है, उनके खिलाफ कड़े प्रावधान किए जा रहे हैं। निगम के साथ विवाद वाली राइस मिलों को प्रक्रिया से बाहर रखा जाएगा।झारखंड राज्य से बाहर स्थित राइस मिलों को टैग (संबद्ध) नहीं किया जाएगा।
खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित कुल लक्ष्य का 25 प्रतिशत 'इम्प्रूव्ड राइस' (IR) मिलरों से प्राप्त करने का प्रस्ताव है।
पारदर्शिता और पहचान सुनिश्चित करने के लिए QR-टैग्ड बोरी के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री इरफान अंसारी ने स्पष्ट किया है कि राज्य के किसानों को उनकी मेहनत का पूरा हक दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि धान की खरीद में किसी भी प्रकार की अनियमितता, बिचौलियागिरी या किसानों के साथ अन्याय को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
